ओडिशा को 47,600 करोड़ की सौगात, पैतृक गांव पहाड़पुर में राष्ट्रपति मुर्मू और पीएम मोदी ने की विशेष पूजा-अर्चना
पहाड़पुर। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को ओडिशा के विकास को एक नई गति देते हुए 47,600 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की विभिन्न परियोजनाओं का संयुक्त रूप से शिलान्यास और लोकार्पण किया। इसके साथ ही दोनों नेताओं ने मयूरभंज जिले के पहाड़पुर गांव में स्थित आदिवासी पवित्र स्थलों पर जाकर पूजा-अर्चना भी की।
राष्ट्रपति के दिवंगत पति के पैतृक गांव पहाड़पुर पहुंचे पीएम मोदी
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के दिवंगत पति श्याम चरण मुर्मू के पैतृक गांव पहाड़पुर का दौरा किया। प्रधानमंत्री की यह यात्रा कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच और मीडिया की नजरों से दूर रही। गांव में पहले से मौजूद राष्ट्रपति मुर्मू ने प्रधानमंत्री के पहुंचने पर उनका स्वागत किया। स्थानीय लोगों ने ढोल-नगाड़ों की धुन, पुष्प वर्षा और पारंपरिक आदिवासी नृत्य के साथ पीएम मोदी का पारंपरिक तरीके से स्वागत किया।
आदिवासी पवित्र स्थलों पर की पूजा-अर्चना
राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री ने सबसे पहले गोसानी पीठ का दौरा किया और इसके बाद वे पैदल चलकर संथाली व हो जाहेरा पहुंचे, जहां उन्होंने पौधे भी लगाए। ओल चिकी (संथाली भाषा की लिपि) की विद्वान दमयंती बेसरा ने बताया कि 'जाहेरा' वे पवित्र उपवन हैं, जहां आदिवासी देवी-देवताओं की पूजा की जाती है, जबकि 'गोसानी' में पूर्वजों के लिए प्रार्थना की जाती है। परंपरागत रस्म के तहत, पेड़ों के बीच स्थित जाहेरा में प्रवेश करने से पहले मुर्मू, मोदी और उनकी सुरक्षा टीम के सदस्यों को पारंपरिक संथाली वस्त्र भेंट किए गए। दमयंती बेसरा ने कहा, "यह ओडिशा के आदिवासियों के लिए एक अविस्मरणीय दिन है।"
स्कूल का दौरा और प्रतिमा पर पुष्पांजलि
इसके बाद दोनों नेता उस स्कूल में गए, जिसकी स्थापना राष्ट्रपति मुर्मू ने अपने दिवंगत पति और अपने दो बेटों (लक्ष्मण और सिपुन) की स्मृति में की थी। ज्ञात हो कि श्याम चरण मुर्मू और दोनों बेटों का निधन 2022 में मुर्मू के भारत की पहली आदिवासी राष्ट्रपति बनने से पहले ही हो गया था। पीएम मोदी ने श्याम चरण मुर्मू की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की और स्कूल व कौशल केंद्र में विद्यार्थियों से बातचीत की। दोनों नेताओं ने आदिवासी उत्पादों की प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया।
ओडिशा को ₹47,600 करोड़ से अधिक की परियोजनाओं की सौगात
पहाड़पुर के बाद दोनों नेता रायरंगपुर के लिए रवाना हो गए, जहां उन्होंने ओडिशा में भाजपा सरकार के दो वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में 47,600 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया।
एक आधिकारिक बयान के अनुसार, ऊर्जा, औद्योगिक अवसंरचना, सड़क, पेयजल, स्वास्थ्य, शिक्षा, पर्यटन और सिंचाई जैसे क्षेत्रों से संबंधित इन परियोजनाओं का उद्देश्य बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करना, कनेक्टिविटी में सुधार लाना, ऊर्जा सुरक्षा को बढ़ावा देना तथा रोजगार के नए अवसर सृजित करना है।
प्रमुख परियोजनाएं जिनकी आधारशिला रखी गई
ऊपरी इंद्रावती पंप भंडारण परियोजना: 600 मेगावाट क्षमता।
आईबी ताप विद्युत संयंत्र (चरण-द्वितीय): इसमें दो 660 मेगावाट की इकाइयां होंगी।
भारत कोल गैसीफिकेशन एंड Chemicals लिमिटेड परियोजना: झारसुगुड़ा जिले के लखनपुर में स्थापना।
बायोगैस संयंत्र: भुवनेश्वर में प्रतिदिन 300 टन क्षमता वाला नगरपालिका ठोस अपशिष्ट आधारित संपीड़ित बायोगैस संयंत्र।
काठजोड़ी नदी पुल: भुवनेश्वर और कटक को जोड़ने वाला पुल।
सड़क चौड़ीकरण: बौध जिले में ढलपुर-हरभंगा सड़क का चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण।
राष्ट्र को समर्पित की गईं अन्य मुख्य योजनाएं
लगभग 732 करोड़ रुपये मूल्य की दो रेलवे परियोजनाएं राष्ट्र को समर्पित की गईं। इनमें 19 किलोमीटर लंबी जखपुरा-जाजपुर क्योंझर
रोड–बैतरणी रोड परियोजना शामिल है, जिससे व्यस्त हावड़ा-चेन्नई मुख्य लाइन पर भीड़भाड़ कम होगी।
बौध में 300 बिस्तरों वाला जिला मुख्यालय अस्पताल भवन, 24 अटल बस स्टैंड और विभिन्न जिलों में नौ स्वचालित परीक्षण केंद्र।
राष्ट्रीय राजमार्ग-57 पर नयागढ़ टाउन बाईपास, रायरंगपुर में एक खेल परिसर और एक जनजातीय अनुसंधान केंद्र।
'रायरंगपुर पुलिस जिला' का उद्घाटन
इसी अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने अपने गृह नगर मयूरभंज में कानून-व्यवस्था और सार्वजनिक सुरक्षा को मजबूत करने के उद्देश्य से नवगठित रायरंगपुर पुलिस जिला का उद्घाटन किया। यह उद्घाटन अगस्त 2025 में ओडिशा सरकार द्वारा पुराने मयूरभंज पुलिस जिले में बदलाव करने के फैसले के बाद हुआ है, जो अब पूरी तरह से चालू हो गया है।
नए पुलिस जिले की रूपरेखा
रायरंगपुर पुलिस जिला में दो पुलिस सब-डिवीजन और 14 थाने शामिल हैं। इसका मकसद नागरिकों को पुलिस सेवाओं की तेज, आसान और अधिक कुशल सेवा सुनिश्चित करना है। ओडिशा पुलिस ने कहा कि यह पहल नागरिक सेवा, सार्वजनिक सुरक्षा और सुशासन के प्रति उसकी लगातार प्रतिबद्धता को दिखाती है।
इस ऐतिहासिक उद्घाटन के समय ओडिशा के राज्यपाल हरि बाबू कंभमपति, मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी, मयूरभंज लोकसभा सांसद नबा चरण माझी सहित अनेक मंत्रियों, सांसदों और आलाधिकारियों की गरिमामयी मौजूदगी बनी रही।
