'वीवाटेक 2026' सम्मेलन में PM मोदी ने लिया भाग, यूरोपीय कंपनियों से भारत के साथ मिलकर काम करने का किया आह्वान

Amrit Vichar Network
Published By Deepak Mishra
On

प्रौद्योगिकी क्षेत्र के उद्योगपतियों, स्टार्ट-अप, निवेशकों और 'बिजनेस लीडर' को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने मानव-केंद्रित एआई और नयी प्रौद्योगिकी के लिए भारत के विजन और उभरती प्रौद्योगिकी में भारत-फ्रांस सहयोग के बढ़ते दायरे पर प्रकाश डाला।

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने यूरोपीय कंपनियों से कहा है कि भारत में दो लाख से ज्यादा स्टार्टअप उनके साथ मिलकर दुनिया की बेहतरी के लिए काम करने को उत्सुक हैं। पीएम मोदी ने गुरुवार को पेरिस में फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ यूरोप के सबसे बड़े प्रौद्योगिकी और स्टार्ट-अप कार्यक्रम वीवा टेक -26 में हिस्सा लिया।

प्रौद्योगिकी क्षेत्र के उद्योगपतियों, स्टार्ट-अप, निवेशकों और 'बिजनेस लीडर' को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने मानव-केंद्रित एआई और नयी प्रौद्योगिकी के लिए भारत के विजन और उभरती प्रौद्योगिकी में भारत-फ्रांस सहयोग के बढ़ते दायरे पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि प्रौद्योगिकी के क्षेत्र ने भारत में बड़े बदलाव किए हैं - जैसे डिजिटल पेमेंट, एआई-आधारित कृषि विकास और अत्याधुनिक स्पेस एप्लीकेशन।

पीएम मोदी और राष्ट्रपति मैक्रों ने भारतीय स्टार्ट-अप और नवाचार कंपनियों के प्रतिनिधियों से बातचीत की। इनमें उद्योग , स्वास्थ्य, सततता और आवागमन के लिए नये समाधान लाने वाली कंपनियां शामि थी। प्रधानमंत्री ने कंपनियों के प्रतिनिधियों से 'इंडिया पैविलियन' में जाने का आग्रह करते हुए कहा , " दो लाख से ज़्यादा स्टार्ट-अप के साथ, भारत दुनिया के सबसे जीवंत इको-सिस्टम में से एक है। यहाँ, आपको भारत की ज़बरदस्त ऊर्जा का अनुभव होगा। 
चाहे वह दुनिया का पहला सिंगल-पीस 3डी प्रिंटेड रॉकेट इंजन हो, एडवांस्ड जेनेटिक-इंजीनियरिंग थेरेपी हो, कैंसर और अन्य गंभीर बीमारियों का पता लगाने वाले या साइबर और नेटवर्क सिक्योरिटी को बेहतर बनाने वाले एआई सॉल्यूशन हों, ऑटोनॉमस रोबोट, स्मार्ट सिटी और मोबिलिटी सॉल्यूशन हों। आप ये सब इंडिया पैविलियन में देखेंगे। अलग-अलग सेक्टर में, हमारे स्टार्ट-अप प्रेरणादायी तरीके से इनोवेशन कर रहे हैं।" 

उन्होंने कहा कि प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में नवाचार के साथ साथ पहुंच भी मायने रखती है और इसमें तरक्की तभी हो सकती है जब वह सबके लिए सुलभ हो। भारत का मानना है कि बदलाव के इस दौर में, प्रौद्योगिकी का फ़ायदा सभी को मिलना चाहिए।

प्रधानमंत्री ने कहा ," भारत एक खुला समाज है और दुनिया का सबसे बड़ा टैलेंट पूल है। हम नियमों को आसान बना रहे हैं और 'ईज़ ऑफ़ डूइंग बिज़नेस' (व्यापार में आसानी) सुनिश्चित कर रहे हैं। इनोवेशन से लेकर कमर्शियलाइज़ेशन तक, हम 50 अरब डॉलर से ज़्यादा के टारगेटेड इंसेंटिव के ज़रिए प्राइवेट एंटरप्राइज़ को सपोर्ट कर रहे हैं। हम दुनिया का सबसे सस्ता डेटा और कम लागत वाली ग्रीन एनर्जी भी उपलब्ध करा रहे हैं।" 

हमारा नज़रिया साफ़ है, हमारी सरकार सुविधाएँ देगी

उन्होंने यूरोपीय कंपनियों का भारत के साथ मिलकर आगे बढने का आह्वान करते हुए कहा , " हमारा नज़रिया साफ़ है। हमारी सरकार सुविधाएँ देगी और इंडस्ट्री इनोवेशन करेगी। स्टार्ट-अप बड़े बदलाव लाएँगे और ग्लोबल पार्टनर हमारे साथ मिलकर आगे बढ़ेंगे। हम सब मिलकर पहले से कहीं ज़्यादा तेज़ी से आगे बढ़ेंगे। मैं इस कमरे में मौजूद सभी लोगों से पहल करने का आह्वान करता हूँ। भारत के साथ मिलकर काम करें और सबके लिए बेहतर परिणाम लाएँ।"

भारत वीवा टेक में भागीदार देश के रूप में हिस्सा ले रहा है और इसमें भारत की यह अब तक की सबसे बड़ी भागीदारी है, जिसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर, हेल्थ-टेक, क्लीन टेक्नोलॉजी, मोबिलिटी, एडवांस्ड कंप्यूटिंग आदि क्षेत्रों में अपने इनोवेशन इकोसिस्टम को प्रदर्शित करने के लिए पवेलियन बनाये गये हैं। इसमें 80 से अधिक भारतीय डीप-टेक कंपनियां और स्टार्ट-अप भाग ले रहे हैं। 

संबंधित समाचार