राम मंदिर चढ़ावा चोरी विवाद : CM योगी के कार्यक्रम से दूर रहेंगे चंपतराय, डीएम ने जारी किया पत्र, कहा- अपने स्थान पर नामित करें दूसरा व्यक्ति
चढ़ावा चोरी की जांच के दौरान यह बड़ी कार्रवाई का संकेत
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज 19 को अयोध्या आ रहे हैं। उनके द्वारा राममंदिर में पूजन-अर्चन के दौरान श्रीराम जन्म भूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय उनके सामने नहीं आएंगे। उन्हें अपने स्थान पर दूसरा व्यक्ति नामित करना होगा। चढ़ावा चोरी की जांच के दौरान यह फैसला बड़ी कार्रवाई का संकेत माना जा रहा है।
अयोध्या, अमृत विचार। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज 19 को अयोध्या आ रहे हैं। उनके द्वारा राममंदिर में पूजन-अर्चन के दौरान श्रीराम जन्म भूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय उनके सामने नहीं आएंगे। उन्हें अपने स्थान पर दूसरा व्यक्ति नामित करना होगा। चढ़ावा चोरी की जांच के दौरान यह फैसला बड़ी कार्रवाई का संकेत माना जा रहा है।
मुख्यमंत्री अयोध्या के अपने प्रत्येक दौरे में रामलला का दर्शन करने जाते हैं। अब तक लगभग सभी दौरों में रामलला के दर्शन पूजन के दौरान ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय सीएम के साथ रहते थे। यह पहला मौका है कि जब चंपत राय मुख्यमंत्री से दूर ही नहीं रहेंगे बल्कि आंखों से ओझल रहेंगे। उनके सामने नहीं पड़ेंगे। कई मायनों में यह अघोषित तौर बड़ी कार्रवाई का संकेत माना जा रहा है। शायद यह भी पहला मौका होगा कि पत्र जारी करके ट्रस्ट महासचिव के लिए यह निर्देश जारी कर दिया गया कि वह मुख्यमंत्री के दौरे के समय स्वयं न रहकर अपना प्रतिनिधि नियुक्त करेंगे।
जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी ने जारी किया प्रोटोकॉल से जुड़ा पत्र
जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी ने मजिस्ट्रेटों की तैनाती के साथ प्रोटोकॉल से जुड़ा जो पत्र जारी किया है। उसके बिंदु संख्या 29 पर साफ तौर पर लिखा गया है कि चंपत राय श्रीराम जन्म भूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को इस आशय के साथ कि मुख्यमंत्री के श्रीराम जन्म भूमि मंदिर परिसर में दर्शन-पूजन की स्थिति में व्यवस्था हेतु अपने स्तर से किसी व्यक्ति को नामित करते हुए सीयूजी नंबर, ड्यूटीरत मंदिर मजिस्ट्रेट एवं सर्व संबंधित को अवगत कराने का कष्ट करें। ऐसा करने के लिए पत्र में कोई कारण भी नहीं बताया गया है।
ट्रस्ट महासचिव को लेकर यह निर्देश ऐसे समय पर आया जब श्री राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के प्रकरण को लेकर एसआईटी के अफसर मंदिर परिसर में ही जांच कर रहे हैं। व्यवस्था के संचालन को लेकर जिम्मेदारी ट्रस्ट महासचिव चंपत राय के पास ही है। वह अयोध्या में ही हैं, लेकिन उनके लिए यह निर्देश जारी किया जाना भविष्य में होने वाले बड़े फैसले के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।
बता दें कि मंदिर की व्यवस्था की जिम्मेदारी महासचिव के पास है। साथ ही दो अन्य ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्र और गोपाल जी भी सहयोग कर रहे थे। डाॅ. मिश्र इलाज के सिलसिले केरल गए हुए थे। मुख्यमंत्री के दौरे के समय लोगों की नजर गोपालजी पर भी रहेगी। मंदिर में मुख्यमंत्री एसआईटी से जांच की जानकारी ले सकते हैं।
