CM योगी ने गोरखपुर को दी बड़ी सौगात : वीर बहादुर सिंह स्पोर्ट्स कॉलेज में 226 परियोजनाओं का किया शिलान्यास
लखनऊ / गोरखपुर, अमृत विचार: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को गोरखपुर को विकास, सुशासन और आधुनिक बुनियादी सुविधाओं का उभरता मॉडल बताते हुए कहा कि बीते नौ वर्षों में शहर ने बीमारी, जलभराव, अपराध और बदहाल आधारभूत ढांचे जैसी समस्याओं से बाहर निकलकर नई पहचान बनाई है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य, शिक्षा, खेल, पर्यटन और कनेक्टिविटी से जुड़ी परियोजनाओं के बल पर गोरखपुर भविष्य में देश के लिए शहरी विकास का आदर्श मॉडल बनेगा।
मुख्यमंत्री ने गोरखपुर में 926 करोड़ रुपये की लागत वाली 226 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। इस दौरान उन्होंने प्रदेश के सुपोषण मिशन के दूसरे चरण का भी शुभारंभ किया। साथ ही कहा कि इस योजना से प्रदेश के लगभग दो करोड़ बच्चों को लाभ मिलेगा।
अपने संबोधन में सीएम योगी ने कुपोषण मुक्त समाज की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि स्वस्थ बचपन ही सुरक्षित भविष्य की आधारशिला है। प्रदेश में 70 हजार से अधिक आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से बच्चों को अनुपूरक पोषण आहार, प्री-प्राइमरी शिक्षा और खेल आधारित सीखने की सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि गर्भवती और धात्री महिलाओं के पोषण पर विशेष ध्यान देकर बच्चों के शुरुआती हजार दिनों को बेहतर बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
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योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर में हुए बदलावों का उल्लेख करते हुए कहा कि वर्ष 2017 से पहले शहर बिजली संकट, इंसेफेलाइटिस, जलभराव, खराब सड़कों और कानून-व्यवस्था की चुनौतियों से जूझ रहा था। आज स्थिति बदल चुकी है। बीआरडी मेडिकल कॉलेज की स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर हुई हैं, इंसेफेलाइटिस पर काफी हद तक नियंत्रण पाया गया है और बंद पड़ा उर्वरक कारखाना फिर से संचालित हो रहा है।
उन्होंने कहा कि गोरखपुर में एम्स, अंतरराष्ट्रीय स्तर का खेल बुनियादी ढांचा, बेहतर सड़क नेटवर्क और हवाई संपर्क जैसी सुविधाएं विकसित हुई हैं। रामगढ़ताल और चिलुआताल को पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित किया गया है। अब गोरखपुर से लखनऊ की दूरी लगभग साढ़े तीन घंटे और वाराणसी की दूरी ढाई से तीन घंटे में तय की जा सकती है।
अपने संबोधन के अंत में उन्होंने सोमवती अमावस्या के अवसर पर श्रद्धालुओं से सावधानी बरतने की अपील की। कहा कि नदी में स्नान के दौरान बैरिकेडिंग के भीतर ही रहें और गहरे पानी में जाने से बचें। कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री डॉ. संजय निषाद, सांसद रवि किशन, महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव, विधान परिषद सदस्य डॉ. धर्मेंद्र सिंह सहित कई जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी मौजूद रहे।
निवेश के नए केंद्र के रूप में उभर रहा है उप्र.
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में विकास कार्य जवाबदेही और पारदर्शिता के साथ किए जा रहे हैं। किसानों, युवाओं, महिलाओं और गरीबों के लिए विभिन्न योजनाओं का लाभ सुनिश्चित किया गया है। उत्तर प्रदेश की पहचान देशभर में बदली है और प्रदेश अब विकास एवं निवेश के नए केंद्र के रूप में उभर रहा है।
