UP Weather: आज 45°C वाले टॉर्चर से मिलेगी राहत या जारी रहेगा हीटवेव का सितम? जानें अपने शहर का हाल
लखनऊ: उत्तर प्रदेश में इन दिनों कुदरत का दोहरा मिजाज देखने को मिल रहा है। पिछले कुछ दिनों से शुष्क मौसम के चलते राज्य का बड़ा हिस्सा भीषण लू (Heatwave) की चपेट में है। इस बीच, बुधवार (10 जून 2026) को घर से बाहर निकलने से पहले मौसम का ताजा पूर्वानुमान जान लेना बेहद जरूरी है, ताकि आप तपती धूप और गर्म हवाओं के थपेड़ों से अपना बचाव कर सकें।
पश्चिमी यूपी में पारा 45°C पार, कूलर भी हुए फेल
यूपी के लोग इस समय उमस और भयंकर गर्मी से बेहाल हैं और बेसब्री से मानसून की राह तक रहे हैं। सुबह 8 बजते ही सूरज की तपिश झुलसाने लगती है, जो रात तक गर्म हवाओं के रूप में बरकरार रहती है। आलम यह है कि कई जिलों में कूलर भी ठंडी हवा देने में नाकाम साबित हो रहे हैं।
प्रमुख शहरों में बुधवार का संभावित तापमान
* नोएडा/NCR: पारा 44°C तक पहुंचने की आशंका है, जिससे भारी तपिश रहेगी।
* राजधानी लखनऊ: अधिकतम तापमान 42°C के आसपास बने रहने का अनुमान है।
* ताजनगरी आगरा: यहां भी पारा 42°C तक जा सकता है।
राहत या आफत? कुछ इलाकों में 'प्री-मानसून' दस्तक की उम्मीद
भीषण गर्मी के बीच राहत की बात यह है कि जून के दूसरे हफ्ते में मौसम करवट ले सकता है। बुधवार शाम को राज्य के कुछ हिस्सों में आंधी-तूफान के साथ छिटपुट बारिश (Pre-Monsoon Rain) के आसार हैं।
उत्तर प्रदेश मौसम पूर्वानुमान (10 जून)
| पश्चिमी यूपी | पूर्वी व तराई क्षेत्र |
| मौसम पूरी तरह शुष्क | गरज-चमक के साथ हल्की बारिश |
| 42°C से 45°C तक तापमान | 30-40 किमी/घंटा की रफ्तार से आंधी |
| धूल भरी हवाएं चलने की आशंका | उमस बढ़ने की चेतावनी |
आपके क्षेत्र में कैसा रहेगा मौसम का मिजाज?
पूर्वी उत्तर प्रदेश: गोरखपुर, देवरिया, कुशीनगर, बलिया और वाराणसी मंडल के कुछ हिस्सों में बुधवार शाम को तेज हवाओं के साथ हल्की बौछारें पड़ने या बिजली चमकने की संभावना है।
तराई बेल्ट: पीलीभीत, लखीमपुर खीरी और बहराइच जैसे तराई के जिलों में भी छिटपुट बारिश हो सकती है।
पश्चिमी उत्तर प्रदेश: यहाँ फिलहाल राहत के आसार नहीं हैं। मौसम शुष्क रहेगा और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से धूल भरी आंधी चल सकती है।
मौसम वैज्ञानिकों की चेतावनी: हालांकि पूर्वी और तराई इलाकों में होने वाली यह छिटपुट बारिश गर्मी से कोई स्थाई राहत नहीं देगी। हल्की बूंदाबांदी के बाद वातावरण में नमी बढ़ने से उमस (Humidity) का ग्राफ और ऊपर जा सकता है, जो लोगों की बेचैनी बढ़ाएगा।
