Firozabad News: फिरोजाबाद में पूर्व MLA के बेटे ने पत्नी को मारी गोली, फिर खुद भी की आत्महत्या, दंपति की मौत
फिरोजाबाद, अमृत विचार। उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद जिले के शिकोहाबाद में शनिवार को पूर्व विधायक जगदीश सिंह के बेटे राकेश यादव ने अपनी लाइसेंसी रिवाल्वर से पहले पत्नी को गोली मारी फिर बाद में खुद को भी गोली मारकर आत्महत्या कर ली। दिल दहलाने वाली घटना मे दंपति की मौत से परिवार में कोहराम मच गया। आज रविवार को मृतक दंपति के शवों का पोस्टमार्टम के बाद अंतिम संस्कार किया गया। पुलिस मामले में काफी गहनता से मामले की जांच कर रही है।
शनिवार रात शिकोहाबाद के सुभाष तिराहा स्थित आवास पर गोलियों की आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। वहां राकेश यादव (72) और उनकी पत्नी राममूर्ति (65) खून से लथपथ हालत में मिले। पास में राकेश यादव की लाइसेंसी रिवाल्वर भी पड़ी थी। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों को अस्पताल भेजा गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
मानसिक तनाव में थे राकेश यादव
पुलिस और पारिवारिक सूत्रों के अनुसार राकेश यादव पुलिस में दरोगा थे किंतु बाद में उन्होंने नौकरी छोड़कर पिता के साथ सामाजिक क्षेत्र में आ गए उनके पिता कांग्रेस से शिकोहाबाद के विधायक रहे बाद में राकेश यादव ने भी जनता दल के टिकट पर मुलायम सिंह के खिलाफ चुनाव लड़ा था। राकेश यादव आदर्श कृष्ण इंटर कॉलेज के प्रबंधक भी कई वर्षों तक रहे। कॉलेज की 35 बीघा जमीन लगान पर गांव के अर्जुन सिंह यादव को दी गई थी। आरोप है कि एक साल की अवधि पूरी होने के बाद भी अर्जुन सिंह ने जमीन खाली नहीं की और उस पर कब्जा बनाए रखा।
मई 2025 में कोर्ट के आदेश पर पूर्व प्रधान और अधिवक्ता राहुल यादव ने राकेश यादव के खिलाफ ढाई लाख रुपए के गबन का मुकदमा दर्ज कराया था। राहुल यादव रिश्ते में राकेश का भतीजा लगता है। दोनों में लंबे समय से मनमुटाव चल रहा था। आरोप था राकेश ने कॉलेज की कृषि भूमि की आय का गबन किया है। साथ ही फर्जी तरीके से मैनेजर बने हैं। शनिवार को इसी मामले की तारीख होने की वजह से वह कोर्ट गए थे। घरवालों के अनुसार, कोर्ट से लौटने के बाद वह काफी तनाव में थे।
पत्नी की बीमारी ने बढ़ाई चिंता
जानकारी के अनुसार न्यायालय में संबंधित मामले की 12 जून को तारीख भी थी । उनके केवल दो विवाहित बेटियां गरिमा और प्रतिमा है जो उनके तनाव में होने के कारण उनके पास आजकल शिकोहावाद ही रह रही थी। बड़ी बेटी गरिमा ने उन्हें काफी समझाने का काम किया गया। उनकी पत्नी राम मूर्ति को कैंसर होने की जानकारी के बाद वह और टूट गए थे। माना जा रहा है मानसिक तनाव के बीच अपने को अकेला पाकर उन्होंने अपनी लाइसेंसी रिवाल्वर से पहले पत्नी को गोली मारी उसके बाद खुद को गोली मार कर दोनों की जीवन लीला समाप्त कर ली।
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बेटी ने लगाए उत्पीड़न के आरोप
मामले में नया मोड़ तब आया जब बड़ी बेटी गरिमा ने परिवार के ही एक सदस्य राहुल समेत कुछ अन्य लोगों पर पिता का उत्पीड़न करने और उन्हें आत्महत्या के लिए मजबूर करने का आरोप लगाया। हालांकि अभी तक इस संबंध में पुलिस की ओर से किसी आरोपी की पुष्टि नहीं की गई है। पुलिस का कहना है कि यदि तहरीर दी जाती है तो आरोपों की निष्पक्ष जांच की जाएगी।
फॉरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार
घटना के बाद वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आदित्य लांघे, अपर पुलिस अधीक्षक अनुज चौधरी समेत कई अधिकारी मौके पर पहुंचे। फॉरेंसिक टीम ने लाइसेंसी रिवाल्वर, कारतूस के खोखे और अन्य साक्ष्य एकत्र किए हैं। इन्हें जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा जा रहा है। पुलिस अधीक्षक ग्रामीण अनुज चौधरी के अनुसार प्रथम दृष्टया मामला मानसिक तनाव के चलते हत्या के बाद आत्महत्या का प्रतीत होता है। हालांकि पुलिस सभी संभावित पहलुओं की जांच कर रही है और फॉरेंसिक रिपोर्ट तथा अन्य साक्ष्यों का इंतजार किया जा रहा है।
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