Kanpur News: 54.68% सड़क हादसों में मौतों के जिम्मेदार हाइवे के 5 क्रिटिकल कॉरिडोर, सड़क हादसों के हॉटस्पॉट बने घाटमपुर, महाराजपुर और सचेंडी
16 थाना क्षेत्रों को सबसे अधिक दुर्घटनाएं होती हैं। जिला रोड सेफ्टी एक्शन प्लान रिपोर्ट में इसका जिक्र है। सड़क सुरक्षा को रिपोर्ट तैयार हुई है। घाटमपुर, महाराजपुर व सचेंडी थाना क्षेत्र में सबसे ज्यादा हादसे हो रहे हैं।
कानपुर, अमृत विचार। 16 थाना क्षेत्रों को सबसे अधिक दुर्घटनाएं होती हैं। जिला रोड सेफ्टी एक्शन प्लान रिपोर्ट में इसका जिक्र है। सड़क सुरक्षा को रिपोर्ट तैयार हुई है। घाटमपुर, महाराजपुर व सचेंडी थाना क्षेत्र में सबसे ज्यादा हादसे हो रहे हैं। घाटमपुर में 156 सड़क हादसों में 178 लोगों की मृत्यु हुई। महाराजपुर में 86 हादसे में 100 और सचेंडी थाना क्षेत्र में 84 हादसे में 91 लोगों ने अपनी जान गवांई हैं। बिधनू, सजेती, चौबेपुर, पनकी और बिठूर भी सड़क हादसों में संवेदनशील माने गए हैं। कानपुर में सड़क हादसों के लिहाज से पांच क्रिटिकल जोन में हाइवे को रखा गया है।
एनएच-34 का अलीगढ़-कानपुर और कबरई-कानपुर खंड अति संवेदनशील है। एनएच-19 में इटावा से चकेरी और चकेरी से प्रयागराज तक का खंड असुरक्षित है। लखनऊ हाइवे का जाजमऊ से रामादेवी के बीच सड़क पर भी लोग जान खो रहे हैं। 54.68% सड़क हादसों में मौतों के जिम्मेदार यही 5 क्रिटिकल कॉरिडोर हैं। 2023 व 2024 में 264 जगहें ऐसी जहां 72% मौतें, 16 पुलिस थाना क्षेत्र में 80% जान गवां रहे लोग हैं।
थाना क्षेत्रों में हादसे और मौतें:
थाना- हादसे मौत
घाटमपुर- 156 178
महाराजपुर 86 100
सचेंडी 84 91
बिधनू 74 89
सजेती 66 77
चौबेपुर 56 66
साढ़ 39 56
पनकी 47 55
अरौल 41 53
बिठूर 51 53
चकेरी 45 52
बिल्हौर 36 38
शिवराजपुर 35 37
नौबस्ता 31 35
गोविंद नगर 30 33
बर्रा 28 29
गंभीर हादसे और मौत:
रेलबाजार की हार्डिंग रोड, बिल्हौर, चौबेपुर, सेन पश्चिमपारा, घाटमपुर, बाबूपुरवा, बर्रा, बिधनू में 10-10 मौत। एनएच-34 हाइवे में घाटमपुर, विधनू, हनुमंत विहार नौबस्ता, सजेती में 19 गंभीर हादसे जिनमें 26 लोगों की भारी वाहनों से कुचल कर मौत। एनएच-19 का महाराजपुर और सचेंडी10 हादसों में 11 को वाहनों ने रौंदा। एनएच-27 में गोविंदनगर और पनकी में 10 हादसों में आमने-सामने की टक्कर में 10 की मौत। एसएच-58 के रेलबाजार व बाबूपुरवा में 4 हादसों में सड़क पार करते हुए
