अयोध्या राम मंदिर दान विवाद : अब SIT पर टिकीं सभी की निगाहें... बोले गोपाल राव- जांच में सहयोग करेगा ट्रस्ट
जांच टीम राम मंदिर परिसर में डालेगी डेरा, दल को तलाशने होंगे कई अहम सवालों के जवाब
श्रीराम मंदिर में दान की धनराशि के गबन मामले की जांच करने वाली एसआईटी (स्पेशल इंवेस्टीगेशन टीम) पर सभी निगाहें लग गई हैं। टीम सोमवार को अयोध्या पहुंचेगी। वह राम मंदिर परिसर में ही डेरा डालेगी। टीम को कई अहम सवालों के जवाब तलाशने होंगे। इस बीच ट्रस्ट ने एसआईटी की जांच में पूरा सहयोग करने का आश्वासन दिया है।
अयोध्या, अमृत विचार : श्रीराम मंदिर में दान की धनराशि के गबन मामले की जांच करने वाली एसआईटी (स्पेशल इंवेस्टीगेशन टीम) पर सभी निगाहें लग गई हैं। टीम सोमवार को अयोध्या पहुंचेगी। वह राम मंदिर परिसर में ही डेरा डालेगी। टीम को कई अहम सवालों के जवाब तलाशने होंगे। इस बीच ट्रस्ट ने एसआईटी की जांच में पूरा सहयोग करने का आश्वासन दिया है।
श्रीराम मंदिर में चढ़ावे की राशि को लेकर सप्ताह भर से हलचल है। चढ़ावे की राशि में गबन की आशंका है। सपा प्रमुख अखिलेश यादव द्वारा दान की राशि में गड़बड़ी होने के लगाए गए आरोपों के बाद श्रीराम जन्म भूमि ट्रस्ट की ओर से बयान जारी कर ऑडिट की बात कहकर पल्ला झाड़ लिया गया था। राजनेताओं के बयान और गुपचुप जांच ने मामले को तूल दे दिया।
मंदिर में कुछ समय तक लेखाकार रहे महिपाल सिंह के चढ़ावे के पैसों में हेरा-फेरी को लेकर दिए गए बयान के बाद भूचाल आ गया। मामले ने नया मोड़ ले लिया। राजनीतिक दलों के साथ कई अन्य ने मामले में जांच की मांग उठानी शुरू कर दी। सीबीआई से जांच कराने तक की मांग की गई। मंदिर आंदोलन में अहम भूमिका निभाने वाले पूर्व सांसद विनय कटियार के बयान ने हलचल को और बढ़ा दिया। इसके बाद ट्रस्ट ने दूध का दूध और पानी का पानी के लिए प्रदेश सरकार को पत्र लिखकर एसआईटी गठन की मांग कर दी।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तीन सदस्यीय एसआईटी गठित करने का निर्देश दे दिया। यह विशेष जांच दल सप्ताह भर में अंतरिम रिपोर्ट और 15 दिन में पूरी रिपोर्ट देगा। एसआईटी में लखनऊ के मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत, लखनऊ जोन के पुलिस महानिरीक्षक किरन एस और विशेष सचिव वित्त नील रतन को रखा गया है। एसआईटी ट्रस्ट की वित्तीय व्यवस्था और दान की राशि में गड़बड़ी के आरोपों की जांच करेगी। अब यहां सभी की निगाह एसआईटी पर लग गई है।
रविवार को पूरे दिन मंदिर के अंदर से बाहर तक हलचल रही। एसआईटी के रविवार को ही पहुंचने की चर्चा तक आई, लेकिन बाद में पता चला कि जांच के लिए एसआईटी की टीम सोमवार को अयोध्या पहुंचेगी। इसके साथ ही वह जांच शुरू कर देगी। इस बीच शाम को ट्रस्ट के विशेष आमंत्रित सदस्य गोपाल राव ने मीडिया से कहा कि एसआईटी टीम सोमवार को आएगी। ट्रस्ट एसआईटी की जांच में उसका पूरा सहयोग करेगा।
SIT पर भरोसा नहीं... अवधेश प्रसाद बोले- जजों की निगरानी में हो जांच
सांसद अवधेश प्रसाद ने रविवार को सिविल लाइन्स स्थित एक होटल में पत्रकारों से वार्ता करते हुए कहा कि उन्हें प्रदेश सरकार द्वारा गठित एसआईटी पर भरोसा नहीं है। राम मंदिर करोड़ों हिंदुओं की आस्था का केंद्र है, इसलिए चढ़ावे और दान से जुड़े आरोप बेहद गंभीर हैं। पूरे मामले की जांच सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीशों की निगरानी में कराई जानी चाहिए।
उन्होंने मांग की कि जिन ट्रस्ट पदाधिकारियों पर आरोप लगे हैं, उन्हें जांच पूरी होने तक पद से हटाया जाए और ट्रस्ट की वर्तमान कमेटी को भंग कर नई व्यवस्था बनाई जाए। एक वरिष्ठ पदाधिकारी का नाम लेते हुए उन्हें जांच पूरी होने तक दूर रखने की मांग भी की।
कहा कि सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव द्वारा उठाए गए सवाल केवल राजनीतिक नहीं, बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं की भावनाओं से जुड़े हैं। कहा कि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि कथित गड़बड़ी कितनी राशि की है, इसलिए बिना किसी दबाव के निष्पक्ष और पारदर्शी जांच जरूरी है। चढ़ावे की रकम गोबर और घूर गड्ढों में छिपाए जाने जैसी सूचनाएं सामने आ रही हैं। अगर इसकी निष्पक्ष जांच हुई तो सच्चाई सामने आ जाएगी।
