परसाखेड़ा लैंड पूलिंग: सेक्टर 4 से 7 में पुराना ले-आउट निरस्त,  नए को इसी सप्ताह मिलेगी हरी झंडी

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Published By Monis Khan
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एक्सईएन बोले- इसय बार पूरी पारदर्शी लॉटरी से तय होगी आवंटन की तिथि

परसाखेड़ा में लैंड पूलिंग योजना के तहत 522 हेक्टेयर भूमि पर विकसित की जा रही आवासीय योजना के निरस्त हुए पुराने ले-आउट के बाद अब नया मास्टर प्लान इसी सप्ताह स्वीकृत होने जा रहा है। आवास विकास परिषद के अधिकारियों के मुताबिक, संशोधित ले-आउट को अंतिम मंजूरी मिलते ही किसानों को उनके हक के भूखंडों का आवंटन दोबारा शुरू कर दिया जाएगा।

बरेली, अमृत विचार। परसाखेड़ा में लैंड पूलिंग योजना के तहत 522 हेक्टेयर भूमि पर विकसित की जा रही आवासीय योजना के निरस्त हुए पुराने ले-आउट के बाद अब नया मास्टर प्लान इसी सप्ताह स्वीकृत होने जा रहा है। आवास विकास परिषद के अधिकारियों के मुताबिक, संशोधित ले-आउट को अंतिम मंजूरी मिलते ही किसानों को उनके हक के भूखंडों का आवंटन दोबारा शुरू कर दिया जाएगा।

सेक्टरों के नियोजन में गड़बड़ी
पूर्व में सेक्टर चार, पांच, छह और सात के नियोजन में भारी गड़बड़ी सामने आई थी, जहां 200 से अधिक किसानों की सहमति से प्राप्त 67 एकड़ से अधिक भूमि पर भूखंड सृजित किए जाने थे। वर्चुअल बैठक के दौरान यह खुलासा हुआ था कि सेक्टर चार और पांच में 80 फीसदी से अधिक भूखंड किसानों को देने के बजाय ग्रुप हाउसिंग, कमर्शियल स्कूल, अपार्टमेंट और हाईराइज बिल्डिंगों के लिए आरक्षित कर दिए गए थे। इस मनमानी के कारण अपनी कीमती जमीन देने वाले मूल किसानों के सामने खुद के ही भूखंड आवंटन का बड़ा संकट खड़ा हो गया था, जिसके चलते 21 और 22 मई को प्रस्तावित आवंटन की तिथि को प्रशासनिक स्तर पर आगे बढ़ाना पड़ा था।

किसानों का हित सर्वोच्च
वहीं, आवास आयुक्त डॉ. बलकार सिंह के निर्देश पर पुराने ले आउट को भी तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया गया था। आवास विकास परिषद के अधिशासी अभियंता राजेंद्रनाथ राम ने बताया कि नए सिरे से ले-आउट तैयार करने का कार्य अपने अंतिम चरण में है, जिसमें किसानों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। संशोधित ले-आउट में सभी विसंगतियों को पूरी तरह से दुरुस्त कर लिया गया है ताकि जिन काश्तकारों ने योजना के लिए अपनी भूमि दी है, उन्हें बिना किसी विवाद के तय मानकों के अनुसार प्राथमिकता पर प्लॉट मिल सकें। दावा है कि शासन स्तर से चालू सप्ताह के भीतर ही संशोधित मानचित्र पर अंतिम मुहर लग जाएगी, जिसके तुरंत बाद पारदर्शी लॉटरी प्रणाली के माध्यम से आवंटन की नई तारीखों की घोषणा कर दी जाएगी।

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