सीएम योगी का कानपुर दौरा : बारिश से पहले गड्ढे-नाले-बिजली नहीं सुधरीं तो ठेकेदार-अधिकारी पर कार्रवाई तय
खुदी सड़कें, गड्ढों, नाला सफाई, बिजली कटौती का रिपोर्टकार्ड लेकर आए थे सीएम योगी
कानपुर। जिले के अधिकारियों के उस समय हाथ-पांव फूल गए जब सीएम योगी आदित्यनाथ ने शहर की समस्याओं के बारे में हल्का सा जिक्र किया। समीक्षा बैठक में सीएम योगी शहर भर में सीएम ग्रिड, टूटी सड़कें, रोडों पर फैली सिल्ट, बिजली कटौती का रिपोर्ट कार्ड साथ लाए थे।
कानपुर, अमृत विचार। जिले के अधिकारियों के उस समय हाथ-पांव फूल गए जब सीएम योगी आदित्यनाथ ने शहर की समस्याओं के बारे में हल्का सा जिक्र किया। समीक्षा बैठक में सीएम योगी शहर भर में सीएम ग्रिड, टूटी सड़कें, रोडों पर फैली सिल्ट, बिजली कटौती का रिपोर्ट कार्ड साथ लाए थे। अधिकारियों को सख्त लहजे में हिदायत देते हुए कहा कि बारिश से पहले जनता की समस्याओं पर समाधान नहीं हुआ तो जिम्मेदारी आपकी ही होगी। गुरुवार को एचबीटीयू के उद्योग सभागार में लोक निर्माण विभाग की समीक्षा बैठक कर कानपुर मंडल की विकास परियोजनाओं की प्रगति का आकलन किया।
बैठक में कानपुर नगर, कानपुर देहात, कन्नौज, इटावा, औरैया तथा फर्रुखाबाद के जनप्रतिनिधियों ने अपने-अपने क्षेत्रों की सड़क, पुल और अन्य आधारभूत संरचना से जुड़े प्रस्ताव मुख्यमंत्री के समक्ष रखे। खास बात ये रही कि सीएम योगी ने हर विधानसभा व क्षेत्र में होने वाले कामों को जनप्रतिनिधियों के सामने रखा। कार्ययोजना की शीट के साथ कोरा कागज देते हुए पूछा जो भी काम जरूरी या प्राथमिकता वाले हों उसे लिखें या अतिरिक्त काम भी कराना हो तो उसका जिक्र करें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जनप्रतिनिधियों को अपने क्षेत्र की जरूरतों और समस्याओं की जानकारी होती है। इसलिए उनके प्रस्तावों को प्राथमिकता देते हुए शीघ्र कार्ययोजना तैयार कर शासन को भेजे। ताकि 15 जुलाई तक आवश्यक स्वीकृतियां देकर विकास कार्यों का शिलान्यास जनप्रतिनिधियों के हाथों कराने के साथ समयबद्ध ढंग से शुरू कराया जा सके। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना, राज्य राजमार्ग, सेतु निर्माण, आरओबी-आरयूबी, धार्मिक स्थलों को जोड़ने वाले संपर्क मार्ग, फ्लाईओवर और सड़क सुरक्षा से जुड़ी परियोजनाओं पर प्राथमिकता मिले।
बैठक के दौरान सड़क निर्माण की गुणवत्ता और रखरखाव का मुद्दा भी प्रमुखता से उठा। जनप्रतिनिधियों ने कई स्थानों पर निर्माण कार्यों में अनियमितताओं और देरी की शिकायतें रखीं। इस पर मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि सड़क निर्माण में किसी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। खराब गुणवत्ता वाले कार्यों के लिए जिम्मेदार ठेकेदारों पर सख्त कार्रवाई की जाए और आवश्यकता पड़ने पर उन्हें ब्लैकलिस्ट किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि अधिकारी लापरवाही बरतते पाए गए तो शासन स्तर से उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। बैठक में मंत्री योगेंद्र उपाध्याय, राकेश सचान, असीम अरुण, अजीत पाल, प्रतिभा शुक्ला, कैलाश सिंह राजपूत, सांसद रमेश अवस्थी आदि रहे।
पिछले वित्तीय वर्ष की परियोजनाओं की भी समीक्षा हुई
मंडल के छह जनपदों से कुल 11,724 करोड़ रुपये लागत की 1,374 परियोजनाओं के प्रस्ताव मिले। इनमें कानपुर नगर की 344, कानपुर देहात की 387, कन्नौज की 217, फर्रुखाबाद की 339, औरैया की 33 तथा इटावा की 54 परियोजनाएं शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने पिछले वित्तीय वर्ष की परियोजनाओं की भी समीक्षा की। अधिकारियों ने बताया कि पिछले वर्ष 5,497 करोड़ रुपये लागत की 2,301 परियोजनाओं को स्वीकृति दी गई थी, जिनमें से 1,242 परियोजनाएं पूरी हुई हैं। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि जिन परियोजनाओं में निविदा प्रक्रिया पूरी होने के बाद काम शुरू ना करने वाली फर्मों को ब्लैक लिस्ट करते हुए एफआईआर दर्ज कराई जाए। अगर किसी अधिकारी व बाबू की लापरवाही निकले तो उसकी रिपोर्ट लखनऊ भेजें।
