Mahoba News: गोवंश संरक्षण और पशुपालकों की आय बढ़ाने पर सरकार का फोकस: महोबा में बोले मंत्री धर्मपाल सिंह

Amrit Vichar Network
Published By Ankit Yadav
On

महोबा, अमृत विचार। उत्तर प्रदेश के पशुधन एवं दुग्ध विकास मंत्री धर्मपाल सिंह ने कहा कि राज्य सरकार गोवंश के संरक्षण, संवर्धन और पशुपालकों की आय बढ़ाने के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि बड़ी गौशालाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए वहां गोबर गैस संयंत्र स्थापित किए जा रहे हैं, जिससे गौशालाओं के संचालन को आर्थिक मजबूती मिल सके।

गौशालाओं की व्यवस्थाओं की समीक्षा

गुरुवार को महोबा में आयोजित समीक्षा बैठक में मंत्री ने निराश्रित गोवंश संरक्षण, भूसा भंडारण, गोचर भूमि पर हरा चारा उत्पादन और पशुपालन विभाग की विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिले की सभी गौशालाओं में संरक्षित गोवंशों और अन्य पशुओं का शत-प्रतिशत टीकाकरण सुनिश्चित किया जाए, ताकि उन्हें संक्रामक रोगों से बचाया जा सके।

बरसात से पहले तैयारियां पूरी करने के निर्देश

धर्मपाल सिंह ने आगामी वर्षा ऋतु को देखते हुए सभी गौ आश्रय स्थलों में जरूरी व्यवस्थाएं समय से पूरी करने को कहा। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रत्येक गौशाला में गोवंशों के सुरक्षित रहने के लिए चबूतरों का निर्माण कराया जाए। जिन स्थानों पर जलभराव की आशंका है वहां तत्काल खड़ंजा बनवाया जाए, ताकि बारिश के दौरान पशुओं को किसी तरह की परेशानी न हो।

हरे चारे की उपलब्धता पर जोर

पशुधन मंत्री ने गोचर भूमि पर नेपियर घास की बुवाई कराने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि इससे गौशालाओं में संरक्षित गोवंशों को पूरे वर्ष पर्याप्त मात्रा में हरा चारा उपलब्ध हो सकेगा। इसके साथ ही भूसा बैंक योजना को भी प्रभावी ढंग से संचालित करने पर जोर दिया गया।

पशुपालकों के लिए कई योजनाएं

मंत्री ने बताया कि प्रदेश सरकार पशुपालन को लाभकारी व्यवसाय बनाने की दिशा में कार्य कर रही है। गोवंशों की नस्ल सुधार पर तेजी से काम किया जा रहा है। साथ ही अभियान चलाकर गोचर भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया जा रहा है। मोबाइल वेटरिनरी यूनिट की 1962 हेल्पलाइन के माध्यम से पशुपालकों को घर पर ही पशु चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।

डेयरी क्षेत्र को मिल रहा बढ़ावा

धर्मपाल सिंह ने बताया कि नंद बाबा दुग्ध मिशन, मिनी नंदिनी योजना और डेयरी इकाइयों की स्थापना के लिए 40 से 60 प्रतिशत तक अनुदान दिया जा रहा है। इन योजनाओं का उद्देश्य पशुपालकों की आय बढ़ाना और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाना है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पात्र लाभार्थियों तक योजनाओं का लाभ समय पर पहुंचाया जाए।

ये भी पढ़ें:- BJP की नई टीम पर बोले शिवपाल यादव- सपा के 'भगोड़ों' को भाजपा ने संगठन में जगह दी

संबंधित समाचार