सुशांत केस का ट्रॉमा : 2020 के बाद न मुझे काम मिला, न भाई को नौकरी', रिया ने भाई के साथ मिलकर शुरू की कंपनी 'चैप्टर 2'
मुंबई। बॉलीवुड अभिनेत्री रिया चक्रवर्ती और उनके भाई शोविक चक्रवर्ती ने अपने जीवन के सबसे कठिन दौर और करियर को लेकर कई बड़े और चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। दोनों भाई-बहनों ने बताया कि वर्ष 2020 के बाद जब उन्हें इंडस्ट्री में पेशेवर अवसर और काम मिलना पूरी तरह बंद हो गए थे, तब उन्होंने साथ मिलकर अपना खुद का कारोबार (बिजनेस) शुरू करने का फैसला किया।
टॉक शो 'डबल डेट' में बयां किया अपना दर्द
नेहा धूपिया और अंगद बेदी के मशहूर चैट शो 'डबल डेट' में बातचीत के दौरान रिया और शोविक ने अपने जीवन के कठिन दौर, पारिवारिक रिश्तों और व्यवसायिक साझेदारी (Professional Partnership) के अनुभवों को खुलकर साझा किया।
रिया ने बताया कि 2020 के बाद उनके हालात कैसे बदल गए थे "मुझे फिल्मों या इंडस्ट्री में काम मिलना बंद हो गया था। मुझे कोई भी साइन नहीं कर रहा था और दूसरी तरफ शोविक को भी कोई नौकरी नहीं दे रहा था। ऐसे में हमारे पास खुद का काम शुरू करने के अलावा कोई रास्ता नहीं बचा था।"
भाई-बहन की बिजनेस पार्टनरशिप और आपसी बहस
रिया चक्रवर्ती ने माना कि भाई-बहन के साथ एक ही ऑफिस में काम करना आसान नहीं होता, क्योंकि व्यक्तिगत और पेशेवर रिश्तों के बीच संतुलन बनाना काफी चुनौतीपूर्ण होता है। रिया ने कहा, "यदि घर पर किसी बात को लेकर आप पहले से नाराज़ हैं और फिर ऑफिस में कोई छोटी गलती हो जाए, तो वह कहीं ज्यादा बड़ी लगने लगती है।"
उन्होंने बताया कि कारोबार के शुरुआती दिनों में दोनों के बीच अक्सर बहस हो जाती थी। स्थिति यह थी कि कई बार शोविक कमरे से बाहर जाते-जाते झुंझलाकर कह देता था कि वह घर छोड़कर जा रहा है।
हालांकि, रिया का मानना है कि जब शोविक अलग रहने लगा, तो चीजें बेहतर हो गईं। अब वे पूरा दिन ऑफिस में साथ बिताते हैं और घर पर अपनी-अपनी जगह (Space) होने से काम और रिश्ते में बेहतर संतुलन बन गया है।
'चुड़ैल का बदला' रखना चाहती थीं कंपनी का नाम!
रिया ने अपनी कंपनी के नामकरण को लेकर एक बेहद रोचक और हैरान करने वाला खुलासा किया। उन्होंने बताया कि वह शुरुआत में अपनी कंपनी का नाम 'चुड़ैल का बदला' रखना चाहती थीं।
इसके बाद उन्होंने 'ब्लैक शीप' नाम पर भी विचार किया था, क्योंकि उस समय वे दोनों खुद को समाज का 'ब्लैक शीप' ही महसूस करते थे। लेकिन अंततः काफी सोच-विचार के बाद उन्होंने अपनी कंपनी का नाम 'चैप्टर 2' (Chapter 2) चुना, जो उनके जीवन की एक नई और सकारात्मक शुरुआत का प्रतीक बना।
छोटे भाई को CEO बनते देखना भावुक पल
रिया ने कहा कि परिवार के साथ काम करने का सबसे बड़ा और अनोखा फायदा 'भरोसा' होता है। उन्होंने बताया कि अपने छोटे भाई शोविक को अपनी कंपनी 'चैप्टर 2' का मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) बनते देखना उनके लिए एक बेहद विशेष और भावुक अनुभव रहा है।
वहीं शोविक चक्रवर्ती ने भी अपना दर्द साझा करते हुए कहा कि उन्होंने यह कारोबार इसलिए शुरू किया क्योंकि उस समय उनके पास आगे बढ़ने का कोई दूसरा विकल्प मौजूद नहीं था। शोविक ने बताया कि जिस वर्ष उन्हें गिरफ्तार किया गया था, ठीक उसी वर्ष उन्हें एमबीए (MBA) में दाखिला मिला था और उन्होंने प्रवेश परीक्षा में 97 प्रतिशत अंक हासिल किए थे।
अंत में, दोनों भाई-बहनों ने माना कि उस बेहद कठिन दौर में केवल एक-दूसरे का साथ, आपसी सहयोग और अटूट भरोसा ही उनकी सबसे बड़ी ताकत बना, जिसने उन्हें जीवन में आगे बढ़ने की प्रेरणा दी।
