Bareilly News : सीएम की समीक्षा बैठक से पहले 3152 करोड़ के 774 प्रस्ताव तैयार

Amrit Vichar Network
Published By Pradeep Kumar
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नई सड़कों के साथ चौड़ीकरण, पुल व भवनों के निर्माण शामिल, पीडब्ल्यूडी की बड़ी तैयारी, अवकाश में भी दफ्तरों में जुटे रहे अभियंता

बरेली, अमृत विचार। मुख्यमंत्री के दौरे को लेकर पीडब्ल्यूडी ने जिले के विकास का प्लान तैयार कर लिया है। सीएम की मंडलीय समीक्षा बैठक में रखने के लिए जिले की सभी नौ विधानसभाओं से 774 विकास कार्यों के प्रस्ताव तैयार किए गए हैं, जिनकी अनुमानित लागत 3152.64 करोड़ रुपये है। इन प्रस्तावों में नई सड़कों के साथ मुख्य मार्गों के चौड़ीकरण, पुल व भवनों के निर्माण को शामिल किया गया है। शासन से हरी झंडी मिलते ही जिले की सूरत बदल जाएगी।

लोक निर्माण विभाग (प्रांतीय खंड) ने जनप्रतिनिधियों की मांग पर हर क्षेत्र की जरूरत को ध्यान में रखते हुए कार्यों की सूची बनाई है। मुख्यमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत अकेले 614 सड़कों के सुधार और निर्माण का प्रस्ताव है, जिस पर 1,152.73 करोड़ खर्च होंगे। जिले में विभिन्न नदियों और नालों पर 78 नए पुलों के निर्माण के लिए 1,192.67 करोड़ रुपये का प्रस्ताव तैयार किया गया है।

पीडब्ल्यूडी के अधीक्षण अभियंता और अधिशासी अभियंता इन सभी फाइलों को अंतिम रूप देने में जुटे हैं ताकि मुख्यमंत्री के सामने जिले की मजबूत पैरवी की जा सके। अधिकारियों के मुताबिक मुख्यमंत्री के समक्ष प्रत्येक विधानसभा की जरूरत और जनप्रतिनिधियों की मांग के अनुसार बजट का पूरा ब्योरा रखा जाएगा।

नौ विधानसभाओं में बहेड़ी से सबसे ज्यादा प्रस्ताव
जिले की नौ विधानसभाओं से कुल 774 प्रस्ताव भेजे गए हैं, जिसमें बहेड़ी से 210, मीरगंज से 114, कैंट से सबसे कम 9 और शहर से 26 प्रस्ताव शामिल किए गए हैं। इसके अलावा बिथरी चैनपुर से 104, नवाबगंज से 103, भोजीपुरा से 77, आंवला से 55 और फरीदपुर विधानसभा से 70 प्रस्ताव पीडब्ल्यूडी ने अपनी सूची में शामिल किए हैं। इन प्रस्तावों में मुख्य जिला मार्गों के चौड़ीकरण के लिए 439 करोड़ रुपये और औद्योगिक व लॉजिस्टिक कनेक्टिविटी बढ़ाने वाली सड़कों के लिए 113 करोड़ से अधिक का प्रावधान है। सड़कों की सुरक्षा (रोड सेफ्टी) के लिए भी 30 कार्यों के तहत 11.79 करोड़ रुपये का प्रस्ताव तैयार कर मुख्यमंत्री के समक्ष मंजूरी के लिए रखे जाएंगे। वहीं, बुधवार को गंगा दशहरा के अवकाश पर भी पीडब्ल्यूडी के दफ्तर पूरी तरह गुलजार रहे। अधीक्षण अभियंता, एक्सईएन, सहायक व अवर अभियंता कार्यालयों में डटे रहे।

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