G7 Summit: ग्लोबल लीडर्स के साथ पीएम मोदी की बैठक, ब्रिटेन, यूएई, जापान और मिस्र के राष्ट्राध्यक्षों से मिलाया हाथ, कई मुद्दों पर हुई बात

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Published By Anjali Singh
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दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने फ्रांस के एवियन में जी-7 शिखर सम्मेलन से इतर ब्रिटेन के प्रधानमंत्री सर कीर स्टार्मर और संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान से मंगलवार को द्विपक्षीय मुलाकात की।

जापान-कोरिया के नेताओं से रणनीतिक चर्चा

मोदी ने दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे-म्युंग , जापान की प्रधानमंत्री सनाए ताकाइची , केन्या के राष्ट्रपति विलियम रुटो और मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सिसी से भी अलग-अलग मुलाकात के दौरान द्विपक्षीय और वैश्विक महत्व के मुद्दों पर चर्चा की। 

स्टार्मर और श्री मोदी ने पिछले वर्ष पारस्परिक यात्राओं के बाद से भारत-ब्रिटेन संबंधों में मजबूत गति की समीक्षा की और 'विजन 2035' के सभी प्रमुख स्तंभों-व्यापार एवं आर्थिक विकास, रक्षा एवं सुरक्षा, जलवायु कार्रवाई एवं हरित ऊर्जा, प्रौद्योगिकी एवं नवाचार तथा शिक्षा एवं लोगों के आपसी संबंधों-में हुई प्रगति का स्वागत किया। दोनों नेताओं ने व्यापक आर्थिक और व्यापार समझौते के शीघ्र लागू होने की आशा व्यक्त की। 

उन्होंने मजबूत शिक्षा साझेदारी पर संतोष व्यक्त किया और बेंगलुरु में यूनिवर्सिटी ऑफ लिवरपूल द्वारा अपना कैंपस स्थापित करने तथा मुंबई में यूनिवर्सिटी ऑफ यॉर्क और यूनिवर्सिटी ऑफ ब्रिस्टल के कैंपस खोलने के लिए हाल ही में हुई प्रगति का उल्लेख किया। दोनों नेताओं ने पश्चिम एशिया और यूक्रेन सहित पारस्परिक हित के क्षेत्रीय और वैश्विक घटनाक्रमों पर विचारों का आदान-प्रदान किया। उन्होंने भारत-ब्रिटेन व्यापक रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने की अपनी साझा प्रतिबद्धता को दोहराया। 

सुरक्षित व्यापार के लिए यूएई के राष्ट्रपति से संवाद

मोदी और अल नाहयान के बीच इस वर्ष यह तीसरी मुलाकात थी जिससे भारत-यूएई की मजबूत और जीवंत रणनीतिक साझेदारी का पता चलता है। दोनों नेताओं ने इस वर्ष जनवरी में राष्ट्रपति अल नाहयान की भारत यात्रा और मई में प्रधानमंत्री मोदी की संयुक्त अरब अमीरात की यात्रा के परिणामस्वरूप प्रौद्योगिकी, व्यापार, निवेश, ऊर्जा और रक्षा के क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग में हुई प्रगति तथा सकारात्मक घटनाक्रमों की समीक्षा की। उन्होंने आपसी हित के क्षेत्रीय और वैश्विक घटनाक्रमों पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया।

 प्रधानमंत्री ने पश्चिम एशिया क्षेत्र में स्थायी शांति, सुरक्षा और स्थिरता को बढ़ावा देने के लिए संवाद, कूटनीति तथा अंतरराष्ट्रीय कानून, संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के सम्मान के महत्व पर बल दिया। दोनों पक्षों ने होर्मुज जलडमरूमध्य से निरंतर निर्बाध, सुरक्षित और बिना किसी रुकावट के आवाजाही और व्यापार जारी रखने का आह्वान किया। प्रधानमंत्री ने राष्ट्रपति अल नाहयान को इस वर्ष के अंत में भारत की मेजबानी में होने वाले ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया। 

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