कतर गैस प्लांट हादसे के 8 और भारतीय पीड़ितों के शव पहुंचे वतन, अब तक 12 शव लाए गए
दोहा/नई दिल्ली। कतर के रास लाफान औद्योगिक शहर में हुई भीषण दुर्घटना में जान गंवाने वाले आठ और भारतीय नागरिकों के शवों को उनके वतन (भारत) वापस भेज दिया गया है। इसके साथ ही अब तक भारत भेजे गए शवों की कुल संख्या 12 हो गई है। दोहा स्थित भारतीय दूतावास ने आधिकारिक तौर पर यह जानकारी साझा की है। इससे ठीक एक दिन पहले, बृहस्पतिवार को चार अन्य भारतीयों के शव स्वदेश भेजे गए थे।
भारतीय दूतावास ने शुक्रवार रात सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' (पहले ट्विटर) पर एक पोस्ट के जरिए बताया, "रास लाफान दुर्घटना में दुर्भाग्यपूर्ण रूप से मारे गए आठ भारतीय नागरिकों के शव 26 जून (शुक्रवार) को भारत भेजे गए। कुल 12 शवों में से चार को 25 जून (बृहस्पतिवार) को भेजा गया था।"
बरजान स्थानीय गैस आपूर्ति केंद्र में हुआ था विस्फोट
यह दर्दनाक हादसा 'कतरएनर्जी एलएनजी' (QatarEnergy LNG) द्वारा संचालित रास लाफान औद्योगिक शहर में स्थित बरजान स्थानीय गैस आपूर्ति केंद्र में हुआ था। इस भीषण विस्फोट में 12 भारतीय नागरिकों समेत कुल 13 लोगों की मौत हो गई थी, जिनमें एक पाकिस्तानी नागरिक भी शामिल था। इसके अलावा, इस दुर्घटना में कतर, भारत, पाकिस्तान, बांग्लादेश और नेपाल के नागरिकों सहित कुल 66 लोग घायल हुए हैं।
भारतीय दूतावास ने जताया आभार
शवों को सुरक्षित और त्वरित प्रक्रिया के साथ स्वदेश भेजने में मदद के लिए भारतीय दूतावास ने कतर के अधिकारियों, भारतीय सामुदायिक संगठनों और भारत की विभिन्न सरकारी एजेंसियों का आभार व्यक्त किया है। दूतावास ने पीड़ित और शोक संतप्त परिवारों को हरसंभव सहयोग देने की बात कही है।
राजदूत विपुल ने घायलों से की मुलाकात
कतर में भारत के राजदूत विपुल और दूतावास के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने शुक्रवार को अल खोर क्षेत्र का दौरा किया। वहां उन्होंने दुर्घटना में घायल हुए उन भारतीय नागरिकों से मुलाकात की, जिनका इस समय अस्पताल में इलाज चल रहा है। दूतावास ने घायलों की स्थिति पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि सभी घायलों को उचित चिकित्सकीय सहायता प्रदान की गई है। इसके लिए दूतावास ने कतर के प्रशासन और संबंधित नियोक्ता कंपनी के प्रतिनिधियों का धन्यवाद किया है।
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