रूस से तेल खरीदने पर भारत समेत पांच देशों पर 100% शुल्क का प्रस्ताव, अमेरिकी सीनेट में विधेयक पेश

Amrit Vichar Network
Edited By Anjali Singh
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वाशिंगटन। अमेरिकी सीनेट में एक ऐसा विधेयक पेश किया गया है, जिसमें रूस से कच्चा तेल खरीदने वाले देशों पर भारी शुल्क लगाने का प्रावधान किया गया है। इस प्रस्तावित कानून के तहत भारत और चीन समेत पांच देशों पर 100 प्रतिशत तक शुल्क लगाने की बात कही गई है। सीनेट में यह विधेयक 60 से अधिक सदस्यों के समर्थन के साथ पेश किया गया। इसे डेमोक्रेटिक पार्टी के सीनेटर रिचर्ड ब्लूमेंथल और रिपब्लिकन पार्टी के दिवंगत सीनेटर लिंडसे ग्राहम ने मिलकर तैयार किया था।

किन देशों पर लग सकता है शुल्क?

विधेयक के अनुसार, रूस के तेल के बड़े खरीदार देशों पर अतिरिक्त शुल्क लगाने का प्रस्ताव है। इनमें भारत, चीन, स्लोवाकिया, हंगरी, अजरबैजान शामिल हैं। विधेयक में उन देशों से होने वाले आयात पर शुल्क लगाने का प्रावधान है, जो रूस से कच्चे तेल या प्राकृतिक गैस के शीर्ष खरीदारों में शामिल हैं या रूस पर लगे प्रतिबंधों से बचने में उसकी मदद करते हैं।

रूस की कमाई रोकना है उद्देश्य

इस विधेयक का उद्देश्य रूस के राजनीतिक नेतृत्व, वित्तीय संस्थानों, ऊर्जा क्षेत्र और प्रतिबंधों से बचने वाले नेटवर्क पर दबाव बनाना बताया गया है। प्रस्ताव तैयार करने वाले नेताओं का कहना है कि इसका मकसद रूस को यूक्रेन युद्ध के लिए इस्तेमाल होने वाली आर्थिक मदद से वंचित करना है। सीनेटर रिचर्ड ब्लूमेंथल ने इससे पहले कहा था कि इस प्रस्ताव के जरिए रूस के तेल के प्रमुख खरीदार देशों पर आर्थिक दबाव बनाने की कोशिश की जा रही है।

कुछ देशों को मिल सकती है छूट

प्रस्तावित कानून में कुछ यूरोपीय देशों को राहत देने का प्रावधान भी रखा गया है। ऐसे देशों को छूट दी जा सकती है, जो रूस से अपनी प्राकृतिक गैस की खरीद को सीमित कर रहे हैं और इसे कम करने के लिए कदम उठा रहे हैं। इसके अलावा अमेरिका द्वारा अपनी परमाणु ऊर्जा और चिकित्सा जरूरतों के लिए रूसी यूरेनियम खरीद को भी इस शुल्क से बाहर रखा गया है। परमाणु और अंतरिक्ष क्षेत्र में अमेरिका-रूस सहयोग से जुड़ी गतिविधियों को भी छूट देने का प्रावधान है।

हर 180 दिन में होगी समीक्षा

विधेयक में अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि को हर 180 दिन में रूस से सबसे ज्यादा तेल और गैस खरीदने वाले शीर्ष पांच देशों की समीक्षा करने का अधिकार देने की बात कही गई है। खरीदारी के पैटर्न में बदलाव होने पर शुल्क दरों में भी संशोधन किया जा सकता है।

पहले 500% शुल्क का था प्रस्ताव

इस विधेयक के पुराने मसौदे में रूस से तेल और गैस खरीदने वाले देशों पर 500 प्रतिशत तक शुल्क लगाने का प्रस्ताव रखा गया था। बाद में इसे संशोधित कर 100 प्रतिशत शुल्क का प्रावधान किया गया। 'लिंडसे ओ ग्राहम प्रतिबंध रूस अधिनियम 2026' नाम से पेश किए गए इस विधेयक को दिवंगत सीनेटर लिंडसे ग्राहम को श्रद्धांजलि के रूप में भी बताया गया है। अब इस विधेयक पर अमेरिकी संसद में आगे की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

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