सावन में ज्ञानवापी परिसर में नमाज रोकने की मांग, शिवसेना ने मंदिर प्रशासन को सौंपा ज्ञापन
वाराणसी। श्रावण मास शुरू होने से पहले ज्ञानवापी परिसर को लेकर एक बार फिर विवाद सामने आ गया है। उत्तर प्रदेश शिवसेना ने सावन के दौरान ज्ञानवापी परिसर में नमाज अदा करने पर रोक लगाने की मांग की है। इस संबंध में शिवसेना के पदाधिकारियों ने श्री काशी विश्वनाथ मंदिर प्रशासन को पत्र सौंपा है।
मंदिर प्रशासन को सौंपा पत्र
शिवसेना के मंडल प्रभारी अजय चौबे और वाराणसी महानगर अध्यक्ष सतीश शर्मा की ओर से दिए गए पत्र में कहा गया है कि सावन माह के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु और कांवड़ यात्री काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन के लिए पहुंचते हैं। संगठन ने दावा किया कि ज्ञानवापी परिसर में सामूहिक नमाज से श्रद्धालुओं की धार्मिक भावनाएं प्रभावित होती हैं।
सावन भर नमाज पर रोक की मांग
शिवसेना ने मांग की है कि पूरे सावन महीने के दौरान ज्ञानवापी परिसर में मुस्लिम समुदाय की सामूहिक नमाज पर रोक लगाई जाए। संगठन का कहना है कि जिस तरह कुछ धार्मिक स्थलों पर हिंदू समुदाय को सीमित अवसरों पर पूजा की अनुमति मिलती है, उसी आधार पर सावन में नमाज को लेकर भी व्यवस्था की जानी चाहिए।
स्पर्श दर्शन-पूजन की भी मांग
शिवसेना ने सावन के दूसरे शुक्रवार को कार सेवा के बाद शिवसैनिकों को काशी विश्वनाथ मंदिर के गर्भगृह में स्पर्श दर्शन और पूजन की अनुमति देने की मांग भी की है। पार्टी का कहना है कि पहले इस तरह की परंपरा रही है, लेकिन पिछले कुछ वर्षों से अनुमति नहीं दी जा रही है।
विरोध प्रदर्शन की चेतावनी
शिवसेना के प्रदेश उप प्रमुख अजय चौबे ने कहा कि यदि उनकी मांगों पर विचार नहीं किया गया तो संगठन विरोध प्रदर्शन करेगा। उन्होंने बताया कि सावन की तैयारियों को लेकर हुई बैठक के दौरान मंदिर प्रशासन को यह पत्र सौंपा गया है।
ज्ञानवापी मामले में पहले से चल रहा है विवाद
वाराणसी स्थित काशी विश्वनाथ मंदिर से सटे ज्ञानवापी परिसर को लेकर लंबे समय से कानूनी विवाद चल रहा है। हिंदू पक्ष का दावा है कि वहां पहले मंदिर था, जबकि मुस्लिम पक्ष इन दावों का विरोध करता रहा है। मामला फिलहाल न्यायालय में विचाराधीन है। इस बीच मंदिर प्रशासन ने शिवसेना के प्रतिनिधिमंडल को मांगों पर विचार करने का आश्वासन दिया है। श्रावण मास इस वर्ष 30 जुलाई से शुरू होकर 28 अगस्त तक चलेगा।
