कांवड़ मेले की तैयारियां तेज, सुरक्षा और व्यवस्था को लेकर राज्यों ने बनाई संयुक्त रणनीति

Amrit Vichar Network
Edited By Anjali Singh
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हरिद्वार। आगामी कांवड़ मेले को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और निर्बाध बनाने के लिए शुक्रवार को हरिद्वार स्थित मेला नियंत्रण भवन सभागार में अंतर्राज्यीय समन्वय बैठक आयोजित की गई। उत्तराखंड के मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में उत्तर प्रदेश, हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान और हिमाचल प्रदेश के वरिष्ठ प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों ने हिस्सा लिया। बैठक में कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुगम यातायात और राज्यों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित करने के लिए विस्तृत चर्चा की गई। अधिकारियों ने विभिन्न राज्यों के अनुभव साझा करते हुए व्यवस्थाओं को और प्रभावी बनाने पर मंथन किया।

यातायात और भीड़ प्रबंधन पर विशेष फोकस

बैठक में कांवड़ पटरी पर बाधारहित यातायात, शिवभक्तों की सुरक्षित आवाजाही और भीड़ नियंत्रण के लिए त्वरित निर्णय प्रणाली विकसित करने पर जोर दिया गया। साथ ही, आवश्यकता पड़ने पर मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) को प्रभावी ढंग से लागू करने पर भी सहमति बनी।

श्रद्धालुओं को मिलेंगी बेहतर सुविधाएं

कांवड़ियों की सुविधा के लिए मार्गों पर पेयजल, चिकित्सा शिविर, शौचालय, विश्राम शिविर और अन्य मूलभूत सुविधाओं को पर्याप्त और सुदृढ़ बनाने पर विशेष बल दिया गया, ताकि यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

ड्रोन और सीसीटीवी से होगी निगरानी

सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए आधुनिक तकनीक के उपयोग पर भी सहमति बनी। मेले के दौरान सीसीटीवी कैमरे, ड्रोन निगरानी और मोबाइल कमांड सेंटर का व्यापक इस्तेमाल किया जाएगा। इसके अलावा, भीड़ की रियल-टाइम ट्रैकिंग, लॉजिस्टिक प्रबंधन और सीमावर्ती क्षेत्रों में संयुक्त चेक पोस्ट तथा पुलिस पेट्रोलिंग बढ़ाने का निर्णय लिया गया।

'सुरक्षित और सुगम यात्रा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता'

मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने कहा कि कांवड़ मेला देश के सबसे बड़े धार्मिक आयोजनों में से एक है। ऐसे में सभी राज्यों के बीच बेहतर समन्वय, त्वरित सूचना आदान-प्रदान और मजबूत सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित कांवड़ यात्रा उपलब्ध कराना है, जिसके लिए सभी संबंधित राज्य मिलकर समन्वित तरीके से काम करेंगे।

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