Sitapur Cyber Fraud: नोएडा से उत्तराखंड तक फैला ऑनलाइन ठगी का नेटवर्क, सीतापुर के खातों में पहुंचा लाखों का पैसा, 6 हिरासत में
नौकरी का झांसा देकर ग्रामीणों से खुलवाए गए कई बैंक खाते, कॉलिंग सेंटर के जरिए ऑनलाइन ठगी का आरोप; पुलिस की पूछताछ जारी
सीतापुर, अमृत विचारः उत्तर प्रदेश के सीतापुर में ऑनलाइन साइबर ठगी से जुड़े एक बड़े नेटवर्क का खुलासा होने की ओर जांच बढ़ रही है। आरोप है कि नोएडा, उत्तराखंड और सीतापुर में संचालित कॉलिंग सेंटरों के माध्यम से लोगों से ऑनलाइन ठगी की गई और ठगी की रकम सीतापुर के ग्रामीणों के बैंक खातों में ट्रांसफर कराई गई। मामले में जिले की क्राइम ब्रांच छह लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है।
नौकरी के नाम पर खुलवाए गए बैंक खाते
जांच के अनुसार, मामले की शुरुआत सीतापुर शहर से सटे खैराबाद और मछरेहटा क्षेत्र से हुई। आरोप है कि नौकरी दिलाने का भरोसा देकर कुछ युवक महंगी गाड़ियों से लड्डूपुर, रहीमाबाद, कुलियापहाड़पुर, मीनापुर और करीमनगर समेत कई गांव पहुंचे। यहां ग्रामीणों से कई बार अंगूठे के निशान लेकर बैंक खाते खुलवाए गए।
मछरेहटा के पहाड़पुर निवासी सूरज सिंह, बृजेश और सुधीर राठौर का कहना है कि उन्हें यह जानकारी नहीं थी कि उनके खातों में कब और कैसे बड़ी रकम का लेन-देन हुआ। उनका दावा है कि उनसे केवल नौकरी दिलाने के नाम पर दस्तावेज और अंगूठे के निशान लिए गए थे।
कॉलिंग सेंटर से संचालित होने का आरोप
सूत्रों के अनुसार, एक साधारण कमरे को कॉलिंग सेंटर में बदलकर युवाओं को लैपटॉप उपलब्ध कराए गए। आरोप है कि यहां बैठकर सोशल मीडिया और ऑनलाइन माध्यमों से लोगों को झांसे में लेकर धनराशि विभिन्न बैंक खातों में ट्रांसफर कराई जाती थी।
पुलिस पूछताछ में कुछ युवकों ने बताया कि उन्हें अधिक वेतन का लालच देकर इस काम से जोड़ा गया। पूछताछ में रोटी गोदाम क्षेत्र के निवासी आयुष और कमलापुर निवासी अभिषेक कुमार सिंह का नाम सामने आने की बात भी सामने आई है।
फेसबुक और इंस्टाग्राम के जरिए लोगों को बनाया जाता था निशाना
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, नोएडा, उत्तराखंड और अन्य स्थानों पर मौजूद कॉलिंग सेंटरों से फेसबुक, इंस्टाग्राम और स्नैपचैट जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से लोगों से संपर्क किया जाता था। उन्हें विभिन्न बहानों से भरोसे में लेकर धनराशि सीतापुर के बैंक खातों में भेजने के लिए कहा जाता था।
एसपी के निर्देश पर दर्ज हुए दो मुकदमे
कोतवाली नगर क्षेत्र के बैजनाथ कॉलोनी निवासी वंश पटेल की शिकायत के अनुसार, उनकी अभिनव सिंह, अजीत और नितिन बंकर से बातचीत हुई थी। इसके बाद उनकी मुलाकात आयुष यादव से कराई गई, जिसने कथित तौर पर सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के नाम पर बैंक खाता उपलब्ध कराने की बात कही। बाद में उनके खाते में कई बार धनराशि आने लगी। मामला संदिग्ध लगने पर परिवार ने पुलिस अधीक्षक अंकुर अग्रवाल से शिकायत की। जांच के बाद कोतवाली नगर में दो मुकदमे दर्ज किए गए।
सीओ सिटी ने क्या कहा
सीओ सिटी कपूर कुमार ने बताया कि ऑनलाइन ठगी से जुड़े मामले में कोतवाली नगर में दो अभियोग दर्ज किए गए हैं। पुलिस विभिन्न पहलुओं की जांच कर रही है और जल्द पूरे मामले का खुलासा किए जाने की बात कही है।
ग्रामीण भी जांच के दायरे में
जिन ग्रामीणों के खातों में ठगी की रकम पहुंची, उन्हें भी जांच के दायरे में रखा गया है। उनका कहना है कि वे स्वयं नौकरी के नाम पर ठगी का शिकार हुए और उन्हें बैंक खातों के दुरुपयोग की जानकारी नहीं थी। पुलिस पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी हुई है।
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