Sitapur News: पहली बारिश में खुली व्यवस्थाओं की पोल, कमलापुर में जलभराव से लोग बेहाल, बच्चों ने DM से लगाई गुहार
आंदोलन के बाद बना नाला भी नहीं बना समाधान, सर्विस लेन पर भरा पानी, दलदल बनी सड़क और हाईवे पर छुट्टा मवेशियों से बढ़ रहा हादसों का खतरा
सीतापुर, अमृत विचारः मानसून की पहली बारिश ने कमलापुर क्षेत्र की अधूरी व्यवस्थाओं की पोल खोल दी है। कस्बे में जलनिकासी की समुचित व्यवस्था न होने से सर्विस लेन और आसपास के इलाकों में पानी भर गया है। इससे स्थानीय लोगों के साथ-साथ स्कूली बच्चों को भी भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, हाईवे के किनारे बसे गांवों में सड़कें दलदल में तब्दील हो गई हैं और छुट्टा मवेशियों की वजह से सड़क हादसों का खतरा लगातार बढ़ रहा है।
आंदोलन के बाद बना नाला, लेकिन जलनिकासी की समस्या बरकरार
स्थानीय लोगों के अनुसार, कमलापुर कस्बे में जलभराव की समस्या को लेकर नेता आरपी सिंह के नेतृत्व में आंदोलन किया गया था। लंबे आंदोलन के बाद राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने नाला निर्माण कराया। हालांकि, पानी की निकासी के पर्याप्त इंतजाम नहीं किए गए। परिणामस्वरूप पहली ही बारिश में फिर से जलभराव की स्थिति बन गई और बड़ी संख्या में लोग प्रभावित हो रहे हैं।

हाईवे के पास गांव की सड़क बनी दलदल
बिसवां विधानसभा क्षेत्र के थाना पट्टी गांव में बारिश के बाद सड़क की हालत बेहद खराब हो गई है। हाईवे के समीप बसे गांव के निवासी भार्गव, आशुतोष मिश्रा, हारून और गुफरान सहित अन्य ग्रामीणों का कहना है कि कसमण्डा विकास खंड से लेकर जिला मुख्यालय तक कई बार शिकायत की जा चुकी है, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ। पहली बारिश के साथ ही गांव में आवागमन मुश्किल हो गया है।
स्कूली बच्चों ने डीएम से लगाई मदद की गुहार
कमलापुर क्षेत्र के अर्चना, सुनीता, अनीत, पुष्कर और पुलकित सहित कई बच्चों का कहना है कि पिछले वर्ष की तरह इस बार भी सर्विस लेन पर पानी भर गया है। ऐसे में सड़क पार करना जोखिम भरा हो गया है। बच्चों ने जिलाधिकारी डॉ. राजा गणपित आर. से समस्या के स्थायी समाधान की मांग की है ताकि वे सुरक्षित तरीके से स्कूल जा सकें।
हाईवे पर छुट्टा मवेशियों से बढ़ रहा हादसों का खतरा
कमलापुर से सिधौली के बीच राष्ट्रीय राजमार्ग पर जगह-जगह छुट्टा मवेशियों के झुंड देखे जा सकते हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि पिछले एक महीने में चार लोगों की मौत और कई अन्य लोग घायल हो चुके हैं। वाहन चालकों के सामने अचानक मवेशियों के आ जाने से दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बना हुआ है।
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