Bareilly News : बरेली-सितारगंज फोरलेन... इस साल सफर मुश्किल, 650 करोड़ की इस परियोजना में दोनों चरणों के बड़े हिस्से पर काम अभी बाकी
बरेली-पीलीभीत के बीच 65 प्रतिशत, पीलीभीत-सितारगंज में 45 प्रतिशत निर्माण पूरा, एनएचएआई ने पहले चरण का दिसंबर 2026, दूसरे का मार्च 2027 का रखा नया लक्ष्य
650 करोड़ की बरेली-सितारगंज फोरलेन परियोजना में इस साल भी सफर मुश्किल है। भूमि घोटाले और अन्य अड़चनों के कारण निर्माण कार्य में हुई देरी
बरेली, अमृत विचार। बरेली-सितारगंज फोरलेन इस साल पूरा होने की उम्मीद धूमिल होती दिख रही है। शुरुआती दौर में बड़े भूमि अधिग्रहण घोटाले की लंबी जांच, फिर मिट्टी की कमी समेत अन्य अड़चनें दूर होने के बाद मानसून की चुनौती है। पहले चरण में 35 प्रतिशत और दूसरे चरण में 55 प्रतिशत काम बाकी है।
मार्च 2023 में शुरू हुई 650 करोड़ की 78 किलोमीटर लंबी परियोजना को दो चरणों में बांटा गया है। पहले चरण में बरेली से पीलीभीत तक 32 किलोमीटर फोरलेन का 65 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। इसे अब दिसंबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। वहीं, पीलीभीत से सितारगंज तक 46 किलोमीटर के दूसरे चरण में 45 प्रतिशत कार्य हुआ है। पहले इसे जनवरी 2027 तक पूरा करने की योजना थी, अब लक्ष्य मार्च 2027 तक बढ़ा दिया गया है। हालांकि एनएचएआई का दावा है सभी बाधाओं को दूर कर निर्धारित समयसीमा में काम पूरा कराने का प्रयास किया जा रहा है।
भूमि अधिग्रहण घोटाले ने बिगाड़ा पूरा शेड्यूल
हाईवे के निर्माण में सबसे बड़ा रोड़ा जमीन अधिग्रहण के दौरान हुआ मुआवजा घोटाला बना। कौड़ियों के भाव वाली कृषि भूमि को रातों-रात कागजों पर व्यावसायिक दिखाकर करोड़ों रुपये का वारा-न्यारा किया गया था। महीनों तक राजस्व विभाग और एनएचएआई के बीच फाइलों का चक्कर चलता रहा। जांच पड़ताल के लंबे दौर में निर्माण कार्य पूरी तरह ठप पड़ा रहा, दूसरी तरफ बिजली लाइन शिफ्टिंग, अतिक्रमण और अन्य तकनीकी बाधाओं ने निर्माण की रफ्तार पर असर डाला।
बरेली-सितारगंज हाईवे निर्माण में अवरोध समाप्त हो चुके हैं। नियमित निरीक्षण कर गुणवत्ता को परखा जा रहा है। पहले पैकेज में बरेली से पीलीभीत तक निर्माण दिसंबर तक पूरा हो जाएगा। दूसरे पैकेज में पीलीभीत से सितारगंज के बीच काम विलंब से शुरू हुआ था, इसलिए मार्च तक का समय लग सकता है। - अश्वनी चौहान, परियोजना प्रबंधक एनएचएआइ, बरेली।
