Gonda News: उर्वरक वितरण में गड़बड़ी पर डीएम का सख्त एक्शन, 144 सहकारी समितियों पर एफआईआर की चेतावनी
सात दिन में धनराशि जमा करने के निर्देश, खरीफ सीजन में किसानों को समय पर यूरिया-डीएपी उपलब्ध कराने पर प्रशासन का फोकस
गोंडा। खरीफ सीजन के दौरान किसानों को समय पर उर्वरक उपलब्ध कराने के लिए जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन की अध्यक्षता में उर्वरक वितरण और उठान व्यवस्था की समीक्षा बैठक आयोजित हुई। बैठक में वितरण व्यवस्था में लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
यूरिया-डीएपी की उपलब्धता हर हाल में सुनिश्चित करने के निर्देश
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जिले की सभी सहकारी समितियों और उर्वरक बिक्री केंद्रों पर यूरिया और डीएपी की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि किसानों को खाद के लिए भटकना न पड़े और वितरण व्यवस्था पूरी तरह पारदर्शी एवं व्यवस्थित रहे।
144 सहकारी समितियों को सात दिन का अल्टीमेटम
समीक्षा के दौरान 144 पुरानी सहकारी समितियों का मामला सामने आया। इस पर डीएम ने निर्देश दिया कि यदि संबंधित समितियां सात दिनों के भीतर निर्धारित धनराशि जमा नहीं करती हैं, तो उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कर विभागीय कार्रवाई शुरू की जाए।
उन्होंने स्पष्ट किया कि शासकीय धन के उपयोग में किसी भी प्रकार की वित्तीय अनियमितता या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
शिकायत मिलने पर तय होगी अधिकारियों की जिम्मेदारी
जिलाधिकारी ने कहा कि उर्वरक आवंटन और वितरण से जुड़ी किसी भी शिकायत पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को नियमित निगरानी, बेहतर समन्वय और समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
डीएम ने दोहराया कि किसानों के हित सर्वोच्च प्राथमिकता हैं और खरीफ सीजन में किसी भी स्थिति में उर्वरकों की कमी नहीं होने दी जाएगी।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी दयानंद प्रसाद, जिला कृषि अधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह, एआर कोऑपरेटिव रविशंकर चौधरी, उर्वरक बिक्री केंद्रों के प्रभारी, बी-पैक्स, डीसीडीएफ तथा सहकारी संस्थाओं के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
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