PK की चुनौती के बीच बांकीपुर में BJP का बड़ा खेल! नामांकन के बाद बंटी ने छोड़ा मैदान, नितिन नबीन के गढ़ में नीरज सिन्हा की एंट्री
राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन के राज्यसभा जाने के बाद खाली हुई बांकीपुर सीट पर बीजेपी ने बदला उम्मीदवार, संगठन से जुड़े नीरज कुमार सिन्हा को मैदान में उतारा
बिहार के बांकीपुर उपचुनाव में बीजेपी ने अभिषेक बंटी की जगह नीरज कुमार सिन्हा को प्रत्याशी बनाया है। सूत्र बताते हैं कि पटना स्थित बीजेपी प्रदेश कार्यालय में एक दिन पहले हुई संगठनात्मक बैठक के बाद पार्टी ने बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव के उम्मीदवार में बदलाव का फैसला लिया। जानिए नीरज सिन्हा की राजनीतिक यात्रा और राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन से जुड़ी सीट का सियासी समीकरण।
अनुज शर्मा, लखनऊ। बिहार की हाई प्रोफाइल बांकीपुर विधानसभा सीट पर उपचुनाव से पहले सियासी समीकरण बदल गए हैं। नामांकन दाखिल करने के बाद बीजेपी के घोषित उम्मीदवार अभिषेक कुमार उर्फ अभिषेक बंटी चुनावी मैदान से पीछे हट गए, जिसके बाद पार्टी ने नया दांव खेलते हुए नीरज कुमार सिन्हा को प्रत्याशी बनाया है। नितिन नबीन के राज्यसभा सदस्य बनने के बाद खाली हुई इस सीट को बीजेपी अपने मजबूत गढ़ के तौर पर देखती है। हालांकि इस बार मुकाबला आसान नहीं माना जा रहा है, क्योंकि जन सुराज के प्रशांत किशोर बांकीपुर में बीजेपी को कड़ी चुनौती देने का दावा कर रहे हैं। ऐसे में नीरज सिन्हा की एंट्री के बाद इस सीट का चुनावी मुकाबला और दिलचस्प हो गया है। अब बीजेपी के सामने सबसे बड़ी चुनौती इस सीट पर अपनी पुरानी पकड़ को बरकरार रखने की है।
संगठनात्मक बैठक के बाद बीजेपी ने बदला उम्मीदवार
सूत्र बताते हैं कि पटना स्थित बीजेपी प्रदेश कार्यालय में एक दिन पहले हुई संगठनात्मक बैठक के बाद पार्टी ने बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव के उम्मीदवार में बदलाव का फैसला लिया। बैठक में बिहार प्रभारी और राज्यसभा सांसद विनोद तावड़े तथा प्रदेश संगठन महामंत्री भीखू भाई दलसानिया के मार्गदर्शन में संगठन की आगामी रणनीति, जनसंपर्क अभियान और चुनावी तैयारियों पर चर्चा हुई। बैठक में मंत्री कुमार शैलेन्द्र, प्रमोद कुमार चंद्रवंशी, संजय सिंह टाइगर, नीतीश मिश्रा, विधायक संजय कुमार गुप्ता और विधायक एवं प्रदेश कोषाध्यक्ष त्रिविक्रम नारायण सिंह समेत कई प्रदेश पदाधिकारी मौजूद रहे। बैठक के बाद पार्टी ने बांकीपुर सीट पर पहले घोषित उम्मीदवार अभिषेक कुमार उर्फ अभिषेक बंटी के स्थान पर नीरज कुमार सिन्हा को प्रत्याशी बनाने का निर्णय लिया। बीजेपी ने संगठन से जुड़े नीरज सिन्हा पर भरोसा जताते हुए उन्हें चुनावी मैदान में उतारा है।
नितिन नबीन से जुड़ी रही बांकीपुर की राजनीतिक विरासत
बांकीपुर विधानसभा सीट पर नितिन नबीन का लंबा राजनीतिक प्रभाव रहा है। वह इस सीट से लगातार जीत दर्ज करते रहे हैं। इससे पहले उनके पिता स्वर्गीय नवीन किशोर प्रसाद सिन्हा भी इसी क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर चुके थे। पिता की राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ाते हुए नितिन नवीन ने बांकीपुर में बीजेपी की मजबूत पकड़ कायम रखी। नितिन नवीन के राज्यसभा जाने के बाद अब बीजेपी ने ऐसे चेहरे पर भरोसा जताया है, जो संगठन की जमीन से जुड़ा हुआ है और पार्टी के पुराने कार्यकर्ताओं के बीच सक्रिय रहा है।

कौन हैं नीरज कुमार सिन्हा?
बीजेपी के नए उम्मीदवार नीरज कुमार सिन्हा पटना के रहने वाले हैं। उनका जन्म 1 जुलाई 1994 को पटना में हुआ। वह मीठापुर बी एरिया, पोस्ट ऑफिस के पास, पटना के निवासी हैं। उन्होंने स्नातक (B.A.) तक शिक्षा प्राप्त की है। वह अविवाहित हैं। नीरज कुमार सिन्हा लंबे समय से बीजेपी संगठन में सक्रिय भूमिका निभाते रहे हैं। पार्टी में उनकी राजनीतिक यात्रा बूथ स्तर से शुरू हुई और धीरे-धीरे संगठन की कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों तक पहुंची।
संगठन में संभालीं ये जिम्मेदारियां
- वर्ष 2006 में बीजेपी की प्राथमिक सदस्यता ग्रहण की।
- बूथ अध्यक्ष के रूप में संगठन का काम किया।
- नरेंद्र भारती मंडल में मंडल महामंत्री की जिम्मेदारी संभाली।
- बीजेपी जिला उपाध्यक्ष रहे।
- भाजयुमो मंडल अध्यक्ष के रूप में दो बार जिम्मेदारी निभाई।
- वर्तमान में नरेंद्र भारती मंडल के मंडल अध्यक्ष हैं।
- जनसंघ की विरासत से जुड़ा परिवार
नीरज कुमार सिन्हा की राजनीतिक पहचान के पीछे उनके परिवार की पुरानी संगठनात्मक पृष्ठभूमि भी अहम मानी जा रही है। उनके चाचा स्वर्गीय नरेंद्र भारती जनसंघ काल के कार्यकर्ता थे। वर्ष 1984 में उनके निधन के बाद उनके सम्मान में मंडल का नाम नरेंद्र भारती मंडल रखा गया। बीजेपी में इसे संगठन और विचारधारा से जुड़े परिवार की पहचान के तौर पर देखा जा रहा है।
पहले अभिषेक बंटी थे बीजेपी उम्मीदवार
बांकीपुर उपचुनाव के लिए बीजेपी ने 7 जुलाई को अभिषेक कुमार उर्फ अभिषेक बंटी के नाम की घोषणा की थी। लेकिन बाद में अभिषेक बंटी ने पारिवारिक कारणों का हवाला देते हुए चुनाव लड़ने में असमर्थता जताई और पार्टी नेतृत्व को पत्र लिखकर अपना नाम वापस ले लिया। इसके बाद बीजेपी केंद्रीय चुनाव समिति ने उम्मीदवार बदलते हुए नीरज कुमार सिन्हा के नाम पर मुहर लगा दी।
प्रशांत किशोर की चुनौती के बीच बीजेपी का संगठन कार्ड
बांकीपुर उपचुनाव इस बार इसलिए भी खास हो गया है क्योंकि जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर के चुनाव मैदान में उतरने की चर्चा तेज है। प्रशांत किशोर पहले ही संकेत दे चुके हैं कि अगर उनके चुनाव लड़ने से बीजेपी की मजबूत मानी जाने वाली सीट पर मुकाबला बदल सकता है तो वह चुनाव लड़ने को तैयार हैं। ऐसे में बीजेपी ने नीरज कुमार सिन्हा जैसे संगठन से जुड़े कार्यकर्ता को उम्मीदवार बनाकर एक संदेश देने की कोशिश की है कि पार्टी अपने पुराने कैडर और जमीनी नेटवर्क के भरोसे चुनावी मैदान में उतर रही है।
नीरज सिन्हा के सामने नितिन नबीन की सीट बचाने की चुनौती
अब नीरज कुमार सिन्हा के सामने सबसे बड़ी परीक्षा बांकीपुर की उस राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ाने की होगी, जिसे नितिन नवीन ने वर्षों में मजबूत बनाया है। बीजेपी के लिए यह चुनाव सिर्फ एक सीट का मुकाबला नहीं, बल्कि अपने पुराने गढ़ को बचाने की लड़ाई भी है। वहीं, प्रशांत किशोर और अन्य राजनीतिक दलों की सक्रियता ने इस उपचुनाव को बिहार की सबसे हाईप्रोफाइल चुनावी लड़ाइयों में शामिल कर दिया है।
