काशी विश्वनाथ धाम में खेली जाएगी फूलों की होली: रंग नहीं, सिर्फ पुष्पों से रंग-बिरंगा उत्सव, श्रद्धालुओं को मिलेगा आध्यात्मिक आनंद

Amrit Vichar Network
Published By Muskan Dixit
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वाराणसीः श्री काशी विश्वनाथ धाम परिसर के शंकराचार्य चौक में सुबह नौ बजे से दोपहर 12 बजे तक श्रद्धालुओं के लिए 'पुष्प होली' का आयोजन किया जाएगा। होली उत्सव की तैयारियों को लेकर आला अधिकारियों, सीआरपीएफ, निजी सुरक्षा एजेंसियों तथा धाम में कार्यरत निजी सफाई एजेंसी के प्रतिनिधियों के साथ बैठक आयोजित की। बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि होली पर्व के दिन पुष्प वर्षा के माध्यम से भक्तजन आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक वातावरण में होली उत्सव में भाग ले सकेंगे। धाम में आने वाले श्रद्धालुओं की संभावित भीड़ को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा, स्वच्छता, भीड़ प्रबंधन तथा सांस्कृतिक कार्यक्रमों की रूपरेखा पर विस्तृत चर्चा हुई।

सभी विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर यह सुनिश्चित करने का निर्णय लिया गया कि श्रद्धालुओं को सुगम, सुरक्षित एवं आध्यात्मिक माहौल में होली का आनंद प्राप्त हो। कार्यपालक अधिकारी विश्व भूषण मिश्र ने बताया कि इसके अलावा 4 मार्च को होली पर्व की गरिमा बनाए रखते हुए कलाकारों द्वारा विशेष सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ दी जाएँगी। इनमें भजन, होली गीत एवं पारंपरिक नृत्य शामिल रहेंगे। इन कार्यक्रमों का मुख्य उद्देश्य श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक वातावरण में पर्व का आनंद प्रदान करना है। सुरक्षा के मद्देनजर धाम परिसर में पर्याप्त पुलिस बल एवं सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की जाएगी। सीआरपीएफ तथा निजी सुरक्षा एजेंसियों के माध्यम से प्रवेश एवं निकास द्वारों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी। सीसीटीवी कैमरों से भी निरंतर निगरानी सुनिश्चित की जाएगी।

स्वच्छता व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने के लिए निजी सफाई एजेंसी द्वारा लगातार सफाई का प्रबंध किया जाएगा। मंदिर प्रशासन ने सभी श्रद्धालुओं से विशेष अनुरोध किया है कि वे धाम में केमिकल युक्त रंग, अबीर या किसी भी हानिकारक पदार्थ को साथ न लाएँ। धाम की पवित्रता, स्वच्छता एवं संरचना की सुरक्षा के दृष्टिगत केवल पुष्प होली के माध्यम से ही उत्सव मनाया जाए। 

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