लखनऊ : नॉन-कम्युनिकेशन मीटरों ने बढ़ाई टेंशन, उपभोक्ता परिषद ने की यह खास मांग

Amrit Vichar Network
Edited By Virendra Pandey
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लखनऊ, अमृत विचार : उत्तर प्रदेश में चल रही स्मार्ट मीटर परियोजना को लेकर उपलब्ध आंकड़ों ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रदेशभर में लगभग 92.90 लाख स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं, लेकिन इनमें से 1,73,163 मीटर (लगभग 1.88%) नॉन-कम्युनिकेशन की स्थिति में बताए गए हैं।

इसका अर्थ है कि ये मीटर अपेक्षित रूप से केंद्रीय प्रणाली से डेटा का आदान-प्रदान नहीं कर पा रहे हैं। ऐसे में उत्तर प्रदेश सरकार को पूरे मामले की समीक्षा करके एक निश्चित समय सीमा में सुधार के लिए कहना चाहिए और ऐसा न होने पर स्मार्ट मीटर प्रोजेक्ट को तत्काल बंद कर देना चाहिए, आने वाले समय में इस पर पैसा खर्च करना फिजूल साबित होगा।

उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष व राज्य सलाहकार समिति के सदस्य अवधेश कुमार वर्मा ने कहा स्मार्ट मीटर परियोजना का मूल उद्देश्य रियल-टाइम डेटा, सटीक बिलिंग, पारदर्शिता और उपभोक्ता सेवाओं में सुधार है। यदि बड़ी संख्या में मीटर ही संचार नहीं कर पा रहे हैं, तो परियोजना के प्रमुख उद्देश्यों की प्रभावशीलता प्रभावित होना स्वाभाविक है। इससे राजस्व प्रबंधन, बिलिंग, तकनीकी निगरानी तथा उपभोक्ता शिकायतों के समाधान पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।

इन परिस्थितियों में यह आवश्यक है कि उत्तर प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (यूपीपीसीएल) पूरे स्मार्ट मीटर प्रोजेक्ट की स्वतंत्र तकनीकी एवं वित्तीय समीक्षा कराए। साथ ही प्रत्येक डिस्कॉम और संबंधित एएमआईएसपी (AMISP) की जवाबदेही तय की जाए तथा यह सार्वजनिक किया जाए कि नॉन-कम्युनिकेशन मीटरों के क्या कारण हैं, उन्हें ठीक करने की समय-सीमा क्या है और अब तक इस दिशा में क्या कार्रवाई की गई है।

यह भी आवश्यक है कि परियोजना की प्रगति से संबंधित सभी तकनीकी आंकड़े नियमित रूप से सार्वजनिक किए जाएं ताकि पारदर्शिता बनी रहे और उपभोक्ताओं तथा जनप्रतिनिधियों का विश्वास मजबूत हो।

स्मार्ट मीटर जैसी महत्वाकांक्षी परियोजना की सफलता केवल मीटर लगाने की संख्या से नहीं, बल्कि उनके प्रभावी, निर्बाध और विश्वसनीय संचालन से तय होगी। इसलिए सरकार और यूपीपीसीएल को चाहिए कि परियोजना की वर्तमान स्थिति का गंभीरता से मूल्यांकन कर आवश्यक सुधारात्मक कदम तत्काल उठाए जाएं। जिस प्रकार से बड़े निजी घराने उत्तर प्रदेश में स्मार्ट मीटर को आगे बढ़ा रहे हैं उससे अच्छा है इसे बंद कर दिया जाए इसमें सभी की भलाई है

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