Kanpur News: कानपुर के इस्पात नगर औद्योगिक क्षेत्र की बदलेगी सूरत, KDA ने 55 करोड़ का टेंडर किया जारी

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Published By Anjali Singh
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-औद्योगिक क्षेत्र में सुविधा देने के लिए केडीए ने निकाला टेंडर

कानपुर, अमृत विचार। इस्पात नगर औद्योगिक क्षेत्र के दिन बहुरने की शुरुआत होने औद्योगिक क्षेत्र के दिन बहुरने की शुरुआत होने लगी है। यहां पर फैली अव्यवस्था और समस्याओं को लेकर उद्यमी लंबे समय से आवाज उठा रहे थे। अब केडीए की ओर से इस क्षेत्र में टूटी सड़कों और नालियों के विकास के लिए टेंडर जारी कर दिया है। यह काम 15 महीने के भीतर कार्यदायी संस्था को पूरा करना होगा। क्षेत्र के विकस के लिए लगभग 55 करोड़ रुपये के टेंडर जारी हुए हैं।  

इस्पात नगर औद्योगिक योजना की स्थापना 1978 में हुई थी। इस योजना के तहत 1984 अलॉटमेंट होन शुरू हुए थे। यह योजना खासतौर पर लोहे का कारोबार करने वाले उद्यमियों व व्यापारियों के लिए लाई गई थी। जिससे शहर के भीतर अलग-अलग चल रहे कारोबार को एक ही स्थान पर व्यवस्थित रूप से संचालित किया जा सके। इसके अलावा शहर में आने वाले भारी वाहनों को शहर से बाहर ही रखा जा सके। 

योजना के तहत इस योजना के तहत लगभग 14 सौ युनिट्स दो फेस में संचालित की जानी थी। बावजूद इसके यहां पर फिलहाल सिर्फ तीन सौ वाणिज्य व 4 सौ औद्योगिक प्रतिष्ठान ही संचालित हो सके हैं। योजना के इतने वर्ष बीत जाने के बाद भी उद्यमी व व्यापारियों का यहां पर कम संख्या में आने की वजह यहां की समस्याओं को माना जा रहा है। औद्योगिक क्षेत्र के हालात यह है कि बरसात के दौरान यहां पर जलभराव की वजह से ट्रक तक निकलना मुश्किल होता है। इसके अलावा नालियां व सीवर लाइन की वजह से उद्यमियों को परेशानी होती है। अब इन समस्याओं के निदान की शुरुआत संभव हो सकी है। 

2 हजार करोड़ का कारोबार

इस्पात नगर औद्योगिक में सालाना 2 हजार करोड़ का कारोबार होता है। उद्यमियों ने बताया कि यहां पर व्याप्त समस्याओं की वजह से बाहर के कारोबारी क्षेत्र में आने से बचते हैं। इसके अलावा टूटी सड़कों व जलभराव की वजह से ट्रक संचालक भी इस औद्योगिक क्षेत्र में आने के लिए अक्सर मना कर देते हैं। बरसात के मौसम में यह समस्यसा और अधिक बढ़ जाती है। क्षेत्र के विकास के लिए होने वाली शुरुआत को सकारात्मक पहल बताया है। 


हम लोग इस औद्योगिक क्षेत्र के विकास के लिए लगभग 1 साल से विभिन्न प्लेटफॉर्म पर समस्या उठा रहे हैं। यह टेंडर जारी होना सिर्फ शुरुआत है, अभी क्षेत्र में काफी विकास कराना बाकी है।  -उमंग अग्रवाल, पदाधिकारी फीटा


इस्पात नगर में टूटी सड़कों की वजह से कारोबार प्रभावित होता है। खरीदार यहां पर ऑर्डर के लिए आने से बचते हैं। वे क्षेत्र में आने के बजाए हम लोगों को खुद अपने पास बुलाते हैं। -रजत गुप्ता, उद्यमी, इस्पात नगर


बरसात के मौसम में क्षेत्र में भारी अव्यवस्था रहती है। इससे कई बार लेबर तक को युनिट में आने के लिए परेशान होना पड़ता है। इससे युनिट्स का काम धीमा हो जाता है। यहां की सभी समस्याएं दूर होनी चाहिए। -निशांत खंडेलवाल, उद्यमी इस्पात नगर

 

क्षेत्र में समस्याओं की वजह से ही यहां पर उद्यमी भी अपनी युनिट्स लगाने से बचते हैं। यदि उद्यमियों को उद्योग चलाने के लिए यहां पर सुविधाएं मिले तो काफी उद्यमी खुद ही यहां पर उद्योग लगाने को तैयार है। -अशीष साहनी, उद्यमी, इस्पात नगर


बरसात में ट्रक आने के दौरान यहां पर सड़क पर उसका पहिया धंस जाना आम बात है। इसकी वजह से ट्रांसपोर्टर तीन महीने की बुकिंग करने से बचते हैं। इससे कई बार काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है।-उज्जवल अग्रवाल, उद्यमी इस्पात नगर


यहां पर फैली कई समस्याओं की वजह से उत्पादन अक्सर धीमा हो जाता है। इससे ऑर्डर अक्सर समय पर पूरा नहीं हो पाता है। यहां की समस्याएं अब उ्रद्यमी की गुडविल भी खराब कर रहीं है।-    प्रदीप केडिया, उद्यमी, इस्पात नगर

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