अयोध्या में होली की उमंग: 27 फरवरी से रंगभरी एकादशी, 2 मार्च को 2,195 स्थानों पर भव्य होलिका दहन... नए स्थानों पर सख्त मनाही!
अयोध्या, अमृत विचार : अयोध्या जिले में होली का उत्सव अवध की परंपरा के अनुरूप मनाने की तैयारी है। जिले में 27 फरवरी को रंगभरी एकादशी के साथ रामनगरी में होली के रंग चटक होने लगेगा। दो मार्च को फाल्गुन पूर्णिमा पर कुल 2,195 स्थानों पर होलिका दहन की तैयारी है। इसमें कोतवाली अयोध्या क्षेत्र में 113, नगर कोतवाली क्षेत्र में 207, कैंट थाना क्षेत्र में 78, कुमारगंज में 91, खण्डासा में 92 और इनायत नगर क्षेत्र में 120 स्थानों समेत अन्य स्थानों पर होलिका दहन होगा। इसके लिए दो फरवरी को वसंत पंचमी पर्व पर ही रेड़ गाड़़ी जा चुकी है। वहीं, प्रशासन ने इस त्योहार को शांतिपूर्ण और सुरक्षित बनाने के लिए व्यापक तैयारियां की हैं।
अयोध्या धाम के आचार्य पं. देवनाथ बताते हैं कि कई स्थलों पर होलिका में भरभोलिए जलाने की भी परंपरा है। भरभोलिए गाय के गोबर से बने ऐसे उपले होते हैं, जिनके बीच में छेद होता है। इस छेद में मूंज की रस्सी डालकर माला बनाई जाती है। एक माला में सात भरभोलिए होते हैं। होली में आग लगाने से पहले इस माला को भाइयों के सिर के ऊपर से सात बार घूमा कर फेंक दिया जाता है। रात को होलिका दहन के समय यह माला होलिका के साथ जला दी जाती है। इसका यह आशय है कि होली के साथ भाइयों पर लगी बुरी नजर भी जल जाए। बताया कि कुछ जगहों पर होलिका की आग में गेहूं की बालियां और चने के होले भी भूने जाते हैं।
वहीं अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि पूर्व तय स्थानों को छोड़कर अन्य किसी भी स्थान पर होलिका दहन की अनुमति नहीं दी जाएगी। यदि किसी परंपरागत आयोजन में स्थान परिवर्तित भी किया जा रहा है तो उसकी भी अनुमति अनिवार्य है। इन सभी स्थलों पर सुरक्षा को लेकर विशेष इंतजाम किए गए हैं। सभी स्थानों पर पुलिस व होमगार्ड के जवान तैनात रहेंगे। साथ ही थाना व चौकी पुलिस गश्त कर यहां निगरानी भी रखेंगे। प्रशासन हुड़दंगियों और असामाजिक तत्वों से निपटने के लिए भी तैयार है। इसको लेकर जिले के सभी थानों पर पीस कमेटियों के साथ बैठकें की जा रही हैं।
दो को होलिका दहन, चार को खेली जाएगी होली
आचार्य पं देवनाथ के अनुसार फाल्गुन शुक्ल पूर्णिमा का आरंभ दो मार्च को सायंकाल 5:21 बजे से होगा, जो अगले दिन तीन मार्च सायंकाल 4:34 बजे तक रहेगा। इस दिन प्रदोष एवं रात्रिकाल व्यापिनी पूर्णिमा भी होगी। इसलिए, भद्रा का मुखकाल छोड़कर होलिका दहन दो मार्च की रात्रि में किया जाएगा। इसके लिए शुभ मुहूर्त रात 11:48 बजे से 2:27 बजे तक है। बताया कि प्रचलित मान्यता के अनुसार होली का पर्व इसके दूसरे दिन अर्थात् तीन मार्च को मनाया जाना चाहिए। लेकिन उस दिन सायंकाल ग्रस्तोदित चंद्रग्रहण होगा, जो 5:59 बजे से 6:48 बजे तक रहेगा। इस ग्रहण का काल दोपहर 3:20 बजे से प्रारंभ होगा, सूतक काल में जप, तप, होम के अलावा अन्य कोई शुभ कार्य नहीं किए जाते हैं। इसके चलते चार मार्च को होली खेली जाएगी।
होली व रमजान पर्व पर सुरक्षा का विशेष ध्यान रखा जा रहा है। त्योहार हर्षोल्लास से मनाएं, लेकिन कानून-व्यवस्था का उल्लंघन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए कंट्रोल रूम स्थापित किया जा रहा है। पुलिस व प्रशासन के अधिकारी कस्बों, थाना पुलिस चौकियों पर सभी धर्म गुरुओं के एवं संभ्रांत लोगों के साथ पीस कमेटी की बैठक करके सभी त्योहारों को सकुशल निपटने की अपील कर रहे हैं।-चक्रपाणि त्रिपाठी, एसपी सिटी।
