UP News: पूरनपुर में मोबाइल शॉप पर जीएसटी का छापा,13.50 करोड़ टैक्स बकाया महज 24 लाख चुकाया !
पीलीभीत, अमृत विचार। पूरनपुर में पारस मोबाइल शॉप पर जीएसटी टीम ने छापा मारा। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि अभी तक दुकान संचालक ने 80 करोड़ की बिक्री की, जिसमें सिर्फ 24 लाख टैक्स जमा किया गया, जबकि टैक्स में 13.50 करोड़ बन रहा था। दुकान संचालक का तर्क था कि उसने आईटीसी के माध्यम से टैक्स को मर्ज किया है। इसको लेकर टीम ने अभिलेख और स्टॉक को जब्त कर लिया है। देर रात तक पड़ताल जारी रही।
लगातार मिल रहीं थीं शिकायते
बता दें कि पूरनपुर में स्टेशन रोड स्थित ब्लॉक चौराहा के पास पारस मोबाइल शॉप पर टैक्स चोरी को लेकर जीएसटी को शिकायतें मिल रही थी। इसको लेकर टीम ने पड़ताल करने के बाद शनिवार दोपहर को जीएसटी के डिप्टी कमिश्नर अनिरुद्ध सिंह की अगुवाई में छापा मारा। इस टीम में वेद प्रकाश शुक्ला और ताराचंद के साथ पीलीभीत यूनिट की टीम भी शामिल रही। पुलिस बल भी तैनात रहा। छापेमारी के दौरान कई ग्राहक मोबाइल की खरीदारी कर रहे थे। ग्राहकों के जाने के बाद टीम ने अपनी कार्रवाई शुरु की।
बीते साल भी की थी जांच
टीम ने क्रय विक्रय के बिल जब्त किए। जिसके बाद मिलान किया तो पिछले वित्तीय वर्ष 2025-26 में व्यापारी के अभिलेख चेक किए। जीएसटी अनिरुद्ध सिंह के अनुसार इस मोबाइल शॉप से जीएसटी पंजीकरण करने के बाद से अब तक कुल 80 करोड़ की बिक्री की गई है। जिसमें 13.50 करोड़ टैक्स जमा बना। मगर दुकानदार की ओर से सिर्फ 24 लाख रुपये ही टैक्स जमा किए गए दृशाया गया। जिस वजह से टैक्स चोरी पकड़ में आ रही है। इतना ही नहीं दुकानदार का तर्क है कि उसने आईटीसी का भी लाभ लिया है। कई बार मोबाइल के दाम घटते बढ़ते रहते है।
स्टॉक और अन्य बिल किए जब्त
फिलहाल टीम ने दुकानदार के बयान के बाद उसकी दुकान का स्टॉक और क्रय विक्रय के बिल जब्त कर लिए हैं। साथ ही दुकान में रेपयरिंग का भी काम होता है। लेकिन उसमें भी कोई टैक्स जमा होना नहीं पाया गया। इसके अलावा दुकान में टीवी, एसी समेत कई अन्य उपकरण की बिक्री भी की जाती है। इसलिए उन सभी सामान के बिल अभिलेख भी चेक किए जा रहे हैं। देर रात तक टीमें पड़ताल में जुटी रही।
जानिए क्या बोले अधिकारी
डिप्टी कमिश्नर जीएसटी अनिरुद्ध सिंह ने बताया कि मोबाइल कारोबारी की दुकान पर छापेमारी की गई है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि कारोबारी के द्वारा टैक्स चोरी की गई है। कुल टैक्स 13.50 करोड़ का बन रहा है। मगर 24 लाख ही जमा होना पाया गया है। आईटीसी का विवरण भी चेक किया जा रहा है। अभिलेख जब्त कर लिए गए हैं। कार्रवाई पूरी होने के बाद अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
