कानपुर में नो-मैपिंग मतदाताओं की सुनवाई तेज, 35 हजार मामलों का निस्तारण
कानपुर। कानपुर के जिलाधिकारी जितेन्द्र प्रताप सिंह ने बताया कि विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण (एसआईआर) का कार्य जिले की सभी 10 विधानसभा क्षेत्रों में तय कार्यक्रम के अनुसार पूरा कर लिया गया है। वर्तमान में सुनवाई का चरण चल रहा है, जिसमें अब तक करीब 35 हजार नो-मैपिंग मामलों का निस्तारण किया जा चुका है।
इस प्रक्रिया में 175 सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों और 10 निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों द्वारा सुनवाई की जा रही है। उन्होंने बताया कि एसआईआर के दौरान लगभग 2.07 लाख मतदाता नो-मैपिंग श्रेणी में चिन्हित किए गए थे, जिनमें से 1,70,325 मतदाताओं को नोटिस जारी किए गए हैं।
सुनवाई के दौरान मतदाता भारत निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित 13 वैध अभिलेखों में से आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत कर अपने बयान दर्ज करा रहे हैं। पहली सुनवाई में अनुपस्थित रहने वालों को अतिरिक्त अवसर भी दिया जा रहा है, ताकि कोई भी पात्र मतदाता सूची से वंचित न रहे। जिलाधिकारी ने नागरिकों से अपील की कि छह जनवरी को प्रकाशित प्रारूप मतदाता सूची में अपना नाम अवश्य जांच लें।
त्रुटि होने पर फॉर्म-8 और नाम न होने पर फॉर्म-6 भरकर आवेदन किया जा सकता है, ताकि 6 मार्च 2026 को प्रकाशित अंतिम मतदाता सूची में नाम शामिल हो सके। इसी क्रम में 31 जनवरी को जिले के सभी 3770 बूथों पर बूथ डे आयोजित किया जाएगा, जहां बीएलओ उपस्थित रहेंगे।
उन्होंने बताया कि अब तक लगभग सवा लाख फॉर्म-6 और 40 हजार से अधिक फॉर्म-8 प्राप्त हो चुके हैं। वर्तमान में करीब 26 लाख मतदाताओं को सम्मिलित करते हुए अंतिम मतदाता सूची के प्रकाशन की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। जिलाधिकारी ने नागरिकों से समय रहते दस्तावेज तैयार रखने और नोटिस मिलने पर निर्धारित अवधि में प्रस्तुत करने की अपील की है।
