आईआईटी कानपुर में छात्र की मौत की जांच करेंगी दो कमेटियां,15 दिन के भीतर देनी होगी रिपोर्ट

Amrit Vichar Network
Published By Deepak Mishra
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कानपुर, अमृत विचार। आईआईटी कानपुर में छात्र की मौत पर अब दो कमेटियां जांच करेंगी। मंगलवार को पीएचडी छात्र की मौत के बाद संस्थान ने पहले ही एक आंतरिक कमेटी का गठन किया था। इसके बाद गुरुवार को शिक्षा मंत्रालय की ओर से गठित कमेटी को भी 15 दिन के भीतर अपनी रिपोर्ट देनी है। माना जा रहा है कि नई बनी कमेटी संस्थान के छात्रों के साथ भी बातचीत कर उसे अपनी रिपोर्ट में शामिल करेगी।

आईआईटी कानपुर में हाल ही में छात्रों की आत्महत्याओं की दो घटनाएं हो चुकी हैं। यदि पूर्व की बात की जाए तो पिछले दो सालों में 9 घटनाएं सामने आ चुकी हैं। मंगलवार को भी एक छात्र ने संस्थान ने छत से कूदकर अपनी जान दे दी थी। छात्र की मौत का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। इस पर बुधवार को संस्थान की ओर से एक आंतरिक कमेटी का गठन जांच के लिए किया गया था।

इस कमेटी को 20 दिन में अपनी रिपोर्ट सौंपनी थी। बुधवार को ही शिक्षा मंत्रालय की ओर से संस्थान में जांच के लिए एक तीन सदस्यों की कमेटी का गठन किया गया है। इस कमेटी के अध्यक्ष नेशनल एजुकेशन टेक्नोलॉजी फोरम के चेयरमैन प्रो अनिल डी सहस्त्रबुद्धे करेंगे। यह कमेटी छात्रों की मौत की जांच करेगी इसके साथ ही आत्महत्या रोके जाने के उपायों को भी सुझाएगी। 

संस्थान कर रहा उपाय

पूरे मामले पर संस्थान की ओर से कहा गया कि सभी आईआईटी संस्थानों में आत्महत्याओं का मुद्दा बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। संस्थान मृतकों के परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हैं। इन समस्याओं के मूल कारणों का समाधान करना संस्थान की सामूहिक जिम्मेदारी है और संस्थान समिति के साथ पूरा सहयोग करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

संस्थान ने कई उपाय किए हैं, जिनमें पूर्णकालिक पेशेवर मनोवैज्ञानिकों और मनोचिकित्सा नेतृत्व के साथ मानसिक स्वास्थ्य कल्याण केंद्र को सुदृढ़ बनाना, सभी नए छात्रों के लिए अनिवार्य मानसिक स्वास्थ्य जांच, चौबीसों घंटे चलने वाली आपातकालीन मानसिक स्वास्थ्य सहायता व्यवस्था, संकाय, कर्मचारियों और छात्रों के लिए नियमित जागरूकता कार्यक्रम और छात्रों के सहज समायोजन और सहभागिता को बढ़ावा देने के लिए एक संरचित सहकर्मी मार्गदर्शन प्रणाली शामिल हैं। परिसर में मौजूदा सहायता प्रणालियों के अलावा, यदि कोई कार्रवाई या अतिरिक्त उपाय आवश्यक होंगे, तो उनकी सावधानीपूर्वक जांच की जाएगी और आवश्यकतानुसार उन्हें सुदृढ़ किया जाएगा।

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