Bareilly : दरगाह ताजुश्शरिया के सज्जादानशीन मुफ्ती असजद मियां सऊदी में डिटेन! परिवार ने अफवाह बताकर किया खारिज 

Amrit Vichar Network
Published By Pradeep Kumar
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जमात के उपाध्यक्ष बोले-13 मार्च को सज्जादानशीन की फ्लाइट है और 14 मार्च को वह भारत वापस आएंगे

बरेली, अमृत विचार। सुन्नी-बरेलवी मुसलमानों के मरकज (केंद्र) आला हजरत खानदान की एक बड़ी शख्सियत, दरगाह ताजुश्शरिया के सज्जादानशीन मुफ्ती असजद रजा कादरी (असजद मियां को) सऊदी अरब में पुलिस द्वारा कथित रूप से डिटेन किए जाने की चर्चाओं से हलचल मच गई। इस खबर ने उनके मुरीदों को बेचैन कर दिया। हकीकत जानने के लिए लोग बरेली दरगाह और आलिमों को फोन लगा रहे हैं। हालांकि जमात रजा-ए-मुस्तफा के उपाध्यक्ष सलमान हसन खान ने इसे महज अफवाह करार देते हुए कहा कि, हजरत की फ्लाइट 13 मार्च को है और वह 14 मार्च को घर आ जाएंगे। 

जानकारी के मुताबिक 23-24 फरवरी को मुफ्ती असजद मियां, उलमा की टीम के साथ उमरा के लिए सऊदी अरब गए हुए थे। उमरा के बाद कुछ जगहों पर उनके कार्यक्रम भी थे। बताया जा रहा कि भारतीय मूल के लोगों की ख्वाहिश और दरख्वास्त पर वह इन कार्यक्रमों का हिस्सा बने। 

सोमवार की शाम को रियाद शहर में रोजा इफ्तार कार्यक्रम था। इसमें अप्रत्याशित भीड़ उमड़ी। कार्यक्रम आयोजन को लेकर पुलिस द्वारा कुछ लोगों को डिटेन किया गया है। इसमें बरेली के उलमा भी बताए जा रहे हैं। 

जमात के उपाध्यक्ष सलमान हसन खान ने बताया कि सज्जादानशीन के दुनियाभर में चाहने वाले और मुरीद हैं। वह सामान्य रूप से कार्यक्रम में शामिल हुए थे। जाहिर है कि उनके पहुंचने की खबर से वहां भारी तादाद में लोग पहुंच गए। ऐसी स्थिति में आमतौर पर पुलिस सुरक्षा व्यवस्था को लेकर अलर्ट हो जाती है। बाकी, डिटेन करना महज अफवाह है। जमात के पूर्व मीडिया प्रभारी समरान खान ने भी इन खबरों को भ्रामक बताते हुए मुरीदों से अपील की है कि सोशल मीडिया पर अफवाहें तैर रही हैं। इनसे बचें। हजरत तय वक्त पर वापस लौटेंगे। 

सऊदी में हजारों मुरीद
-सुन्नी-बरेलवी मुसलक के चाहने वाले दुनियाभर में फैले हैं। खाड़ी में बड़ी संख्या है। शिषेकर एशियाई मूल के लोगों की, जो बरेली से मुहब्बत रखते हैं। यही कारण है कि जब भी आला हजरत खानदान के कोई बुजुर्ग या बड़े आलिम खाड़ी जाते हैं-तो वहां उनसे मुलाकात करने वालों की फेहरिस्त काफी लंबी होती है। 

सुरक्षा को लेकर भी सतर्कता 
-फिलहाल अभी खाड़ी संकट में है। ईरान-इराजयल के बीच जंग छिड़ी है। ईरान, सऊदी अरब समेत सभी गल्फ कंट्रीज पर हमले कर चुका है। सऊदी ने अपने नागरिकों की सुरक्षा को लेकर एडवाइजरी जारी कर रखी है। विशेष सतर्कता के साथ सामान्य जीवन चल रहा है। इस बीच रियाद में कथित रूप से भीड़ के जुटान पर पुलिस के एक्शन लेने की बातें सामने आ रही हैं। हालांकि अधिकारिक रूप से इसकी कहीं से पुष्टि नहीं हुई है। 

मौलाना तौसीफ मियां भी हुए थे डिटेन
-आला हजरत खानदान के बुजुर्ग इससे पहले भी सऊदी में डिटेन होते रहे हैं। इस फेहरिस्त में मौलाना तौसीफ मियां भी शामिल हैं। वर्ष 2018 में मौलाना तौसीफ मियां को शारजाह पुलिस ने हिरासत में लिया था। बताते हैं कि तत्कालीन केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार ने उस वक्त की विदेश मंत्री सुषमा स्वराज से संपर्क कर रिहाई में मदद की थी। 

विदेश मंत्री से की हस्तक्षेप की मांग 
ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर को पत्र लिखकर मुफ्ती असजद मियां की रिहाई के लिए हस्तक्षेप करने की मांग की है। मौलाना ने कहा कि ''सऊदी हुकूमत ने गत इससे पहले भी भारत के बड़े उलमा को हिरासत में लिया था। वर्ष 1986 में ताजुश्शरिया को भी डिटेन किया था। उन्होंने कहा कि मुफ्ती असजद मियां को फौरन छोड़ा जाए, वरना दिल्ली स्थित सऊदी दूतावास के बाहर धरना-प्रदर्शन की रणनीति बनाई जाएगी।''

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