Bareilly News: सीबीगंज प्रकरण में मुख्यमंत्री से खाई थी डांट, फतेहगंज पूर्वी प्रकरण में भूले

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Edited By Amrit Vichar
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बरेली, अमृत विचार। फतेहगंज पूर्वी में किशोरी के ट्रेन से कटकर मौत के मामले में ठीक वैसे ही आरोप लगे हैं जैसे सीबीगंज में एक छात्रा के मामले में लगे थे। उस मामले में भी पुलिस ने ऐसी ही लापरवाही की थी जिस पर बरेली के शीर्ष अधिकारियों को मुख्यमंत्री की नाराजगी का शिकार होना पड़ा था लेकिन इसके बावजूद फतेहगंज पूर्वी के मामले में पुलिस ने लापरवाही की हद पार कर दी। पुलिस के अधिकारी भी जांच में मामले को उलझाकर लीपापोती करने की कोशिश कर रहे हैं।

सीबीगंज में 10वीं में पढ़ने वाली छात्रा को ट्रेन के आगे फेंकने की घटना 10 अक्टूबर 2023 को हुई थी। छात्रा घर से कोचिंग पढ़ने निकली थी, रास्ते में रेलवे क्रॉसिंग के पास गांव के ही एक युवक ने उसके साथ छेड़खानी की थी और विरोध करने पर उसे ट्रेन के आगे धक्का दे दिया था। इस घटना में उसके दोनों पैर और एक हाथ कट गया था। घटना की सूचना दिए जाने के बाद सीबीगंज पुलिस कई घंटे तक मौके पर नहीं गई। जिले के अफसरों ने भी घटना का कोई संज्ञान नहीं लिया। 

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मामला जानकारी में आने के बाद कड़ी नाराजगी जताई थी जिसके बाद अफसर हरकत में आए और इंस्पेक्टर सीबीगंज और हल्का दरोगा को निलंबित कर दिया। ठीक इसी तरह की लापरवाही फतेहगंज पूर्वी की पुलिस ने की लेकिन संभवत: मुख्यमंत्री के चुनाव में व्यस्त होने का नतीजा है कि इस मामले में अफसर भी उतनी तत्परता से कार्रवाई नहीं कर रहे हैं।

बता दें कि फतेहगंज पूर्वी की एक किशोरी की बुधवार को ट्रेन से कटकर मौत हो गई थी। किशोरी की मां ने इलाके के ही फरियाद हुसैन नाम के युवक पर उसे कॉलेज जाते समय अगवा करके दुष्कर्म करने और विरोध करने पर ट्रेन के आगे फेंक देने का आरोप लगाया था। 

फतेहगंज पूर्वी पुलिस को घटना के कुछ ही देर बाद सूचना दे दी गई लेकिन पुलिस रात तक शाहजहांपुर के कटरा थाना क्षेत्र में घटना होना बताकर कार्रवाई करने से बचती रही। नतीजा यह हुआ कि किशोरी के शव का कटरा पुलिस ने ही पोस्टमार्टम कराया लेकिन पंचनामे में दुष्कर्म का जिक्र न किए जाने से डॉक्टरों ने उसकी स्लाइड नहीं बनाई। लिहाजा दुष्कर्म के आरोपों की पुष्टि के लिए कोई रास्ता ही नहीं रह गया।

अफसर भी इस मामले में देर से जागे। जांच कराई तो घटनास्थल फतेहगंज पूर्वी में ही निकला। रात दो बजे अपहरण और दुष्कर्म के आरोपों में रिपोर्ट दर्ज कर ली गई, लेकिन तब जब पोस्टमार्टम के दौरान स्लाइड न बनाए जाने से दुष्कर्म साबित करना मुश्किल हो चुका था। पुलिस की फजीहत होने के बाद बृहस्पतिवार को एसएसपी ने एसपी देहात मानुष पारीक को फतेहगंज पूर्वी के थाना प्रभारी की भूमिका की जांच का निर्देश दिया। अब सवाल उठ रहा है कि जब थाना प्रभारी की लापरवाही साफ है तो कार्रवाई को जांच के बहाने टाला क्यों जा रहा है।

आरोपी को जेल भेजा, एसपी देहात बोले- थाना प्रभारी का लेंगे बयान
पुलिस ने आरोपी फरियाद को शुक्रवार को ही गिरफ्तार कर लिया था जिसे शनिवार को कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया। एसपी देहात दक्षिणी मानुष पारीक का कहना है कि मामले में लापरवाही हुई है। इसी कारण घटना के बाद कार्रवाई करने में भी देरी हुई है। अब सभी पहलुओं पर भी जांच की जा रही है। थाना प्रभारी का बयान दर्ज किया जाएगा। जल्द जांच पूरी कर रिपोर्ट एसएसपी को सौपेंगे। इस मामले में जो दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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