पीसीएस- जे 2022: अब डिकोडिंग के बाद अभ्यर्थी बताएंगे कॉपी बदली या नहीं

आयोग ने दिया है निर्धारित तिथि व समय

पीसीएस- जे 2022: अब डिकोडिंग के बाद अभ्यर्थी बताएंगे कॉपी बदली या नहीं

प्रयागराज, अमृत विचार। पीसीएस- जे मुख्य परीक्षा 2022 में कापियों के बदले जाने के मामले में एक अभ्यर्थी ने सूचना अधिकार के तहत अपनी उत्तर पुस्तिका के अवलोकन के लिए दावा किया था। अभ्यर्थी ने कॉपी बदले जाने का भी गंभीर आरोप लगाया था।

उसका कहना था कि उसकी अंग्रेजी विषय की कॉपी पर उसकी हैंडराइटिंग नहीं है। उसकी कॉपी को बदल दिया गया है। अब डिकोडिंग के बाद छात्र कापियों को देखकर बतायेंगे कि उत्तर पुस्तिका में अदला बदली हुई है या नहीं। उत्तर प्रदेश लोक सेवा अयोग यूपीपीएससी की ओर से पीसीएस जे के मुख्य परीक्षा 2022 की  कॉपियो को अभ्यर्थियों को दिखाए जाने का निर्णय लिया गया है। 

यह निर्णय कॉपियों की बदले जाने के आरोप लगने के बाद अभ्यर्थियों ने सूचना अधिकार अधिनियम 2005 के तहत कॉपियों को दिखाने के लिए आवेदन किया था। यूपीपीएससी में जिस तरह सभी अभ्यर्थियों को मुख्य परीक्षा की कॉपियां दिखाने का निर्णय लिया है उससे यही पता चल रहा है कि जांच के बाद आयोग परीक्षा की सुचिता को लेकर पूरी तरह से निश्चिन्त हो चुका है। 

परीक्षा में लगे गड़बड़ी की आरोप के जवाब में सभी अभ्यर्थियों को उनकी कॉपियां दिखाई जाएंगी। हालांकि आयोग ने स्पष्ट कर दिया है कि जिन अभ्यर्थियों ने सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 के तहत प्रार्थना पत्र दाखिल किया था, उन्हें अपनी उत्तरपुस्तिका देखने के लिए समय और तिथि दी गई थी। 

आयोग की ओर से निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार निर्धारित तिथि और समय पर उपस्थित होकर अपनी कॉपी को देख सकेंगे। आयोग ने यह भी कहा है कि सूचना अधिकार के तहत कॉपी देखने के लिए जो तिथि निर्धारित की गई थी। अब वह स्वतंत्र निरस्त मानी जाएगी।

भविष्य में भी उत्तर पुस्तिकाओं के अवलोकन के लिए सूचना अधिकार के साथ प्रार्थना पत्रों पर आयोग अलग से विचार नहीं करेगा। उत्तर पुस्तिकाओं के अवलोकन के लिए समय से उपस्थित न होने पर माना जाएगा कि अभ्यर्थी कॉपी नही देखना चाहता है। कॉपियो का निरीक्षण 20 जून से शुरू होगा और 31 जुलाई तक चलेगा।

यह भी पढ़ें:-ग्रामीण बिजली फीडर पर शहरी दर से बिलिंग का आदेश जनता की कमर तोड़ने की साजिश: अखिलेश यादव