हल्द्वानी: हरीश रावत की एक और लुभावनी घोषणा, धूलि अर्घ्य व ‘राम श्याम चर्मकार सम्मान पेंशन’ भी करेंगे शुरू

हल्द्वानी: हरीश रावत की एक और लुभावनी घोषणा, धूलि अर्घ्य व ‘राम श्याम चर्मकार सम्मान पेंशन’ भी करेंगे शुरू

हल्द्वानी, अमृत विचार। कांग्रेस के चुनाव संचालन समित अध्यक्ष पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत का मतदान हो जाने के बाद भी पेंशन की घोषणाएं करने का सिलसिला जारी है। पूर्व मुख्यमंत्री रावत ने सोशल मीडिया पर पोस्ट वायरल कर कहा कि उनका राजनैतिक व सामाजिक सोच में सुशील कुमार निरंजन, रामलाल विद्यार्थी, स्व. राधे लाल का …

हल्द्वानी, अमृत विचार। कांग्रेस के चुनाव संचालन समित अध्यक्ष पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत का मतदान हो जाने के बाद भी पेंशन की घोषणाएं करने का सिलसिला जारी है।

पूर्व मुख्यमंत्री रावत ने सोशल मीडिया पर पोस्ट वायरल कर कहा कि उनका राजनैतिक व सामाजिक सोच में सुशील कुमार निरंजन, रामलाल विद्यार्थी, स्व. राधे लाल का विशेष योगदान है। राधेलाल चर्मकार, रामलाल शिल्पकार होने के साथ-साथ भूमिहीनों के नेता थे। वहीं सुशील कुमार एक दलित एक्टिविस्ट के साथ-साथ सामाजिक कार्यकर्ता थे। उन्होंने कहा कि यदि कभी मेरे हाथ की बात रही तो तो रामनगर में सुशील कुमार निरंजन के नाम पर एक सार्वजनिक लाइब्रेरी बनाऊंगा।

वहीं, भूमिहीनों के लिए एक बसासत बनाऊंगा जिसका नामकरण रामलाल के नाम पर होगा। इसी के साथ ही ‘राम श्याम चर्मकार सम्मान पेंशन’ भी शुरू करना चाहूंगा फिर इसकी राशि पांच सौ रुपये ही हो। उन्होंने कहा कि शादी-विवाह में धूलि अर्घ्य महान पंरपरा है। उत्तराखंड में धूलि अर्घ्य का ब्राह्मणों के मंत्रो उच्चार का वातावरण समारोह को गरिमा प्रदान करने और एक आध्यात्मिक स्वरूप देने में बहुत अधिक महत्व है। यह परंपरा टूटे नहीं, इसके लिए धूलि अर्घ्य सम्मान पेंशन शुरू होनी चाहिए। पुरोहितों के लिए शुरू पेंशन योजना में पांच सौ रुपये बढ़ाऊंगा ताकि यह परंपरा भविष्य में भी बनी रहे।

Related Posts

Post Comment

Comment List