बरेली: एक Click से खुल जाएगी आपकी मेडिकल हिस्ट्री, 'आभा आईडी' देगी बीमारी और इलाज की फुल जानकारी 

बरेली: एक Click से खुल जाएगी आपकी मेडिकल हिस्ट्री, 'आभा आईडी' देगी बीमारी और इलाज की फुल जानकारी 

बरेली, अमृत विचार। क्या आपके भी हर बार मेडिकल रिकॉर्ड खो जाते हैं। अगर आप चाहते हैं की आपके सारे रिकॉर्ड एक साथ रहें तो ऐसे में आप आभा आईडी बनाकर अपने सभी रिकॉर्ड एक साथ रख सकते हैं। आभा आईडी बनाने पर आपके स्वास्थ्य से जुड़े हर रिकॉर्ड डिजिटल रूप से संग्रहित हो जाएंगे। ऐसे में आपके मन में ये सवाल उठ रहा होगा कि क्या डिजिटल होने के बाद स्वास्थ्य संबंधी व्यक्तिगत जानकारी सुरक्षित रहेगी। तो हम आपको बता दें की आभा आईडी अपकी गोपनीयता सुनिश्चित करता है। वहीं अब तक उत्तर प्रदेश में पांच करोड़ से भी ज्यदा लोगों ने अपनी आभा आईडी बनाकर इसका लाभ लेना शुरू कर दिया है।

पर्चा बनाने के लिए घंटों लाइन में लगने से मुक्ति दिलाएगी आभा आईडी
अब पर्चा बनाने के लिए सरकारी अस्पताल में मरीजों को घंटों लाइन में लगने की जरूरत नहीं हैं। आभा आईडी के तहत ऑनलाइन पर्चा बनाने वालों की संख्या दिन पर दिन बढ़ती जा रही है। ई-सुश्रूत योजना के तहत सरकारी अस्पतालों में मरीजों को ऑनलाइन सुविधाएं दिए जाने पर जोर दिया जा रहा है। इसी के तहत नौ माह पहले से जिला अस्पताल में भी आभा आईडी की सुविधा को शुरू कर दिया गया है।

जिला अस्पताल में रोजाना 300 से अधिक लोग बनवा रहे आभा आईडी
आंकड़ों के अनुसार पहले रोजाना नाम मात्र ही मरीजों की आभा आईडी बनाई जा रही थी, अब इसकी संख्या बढ़कर 350 तक पहुंच गई है। सोमवार को 266 मरीजों की आभा आईडी बनाई गई। इसके लिए दो की जगह अब 7 काउंटर लगाए जा रहे हैं।

आभा मित्र वरुण ने बताया कि आभा आईडी मरीजों के लिए एक आधार कार्ड के तरह ही है, इससे लोग कहीं पर भी अपना इलाज करवाते समय पहले के सभी इलाज की जानकारी दे सकते हैं। जिससे इलाज करवाने में किसी भी प्रकार की परेशानी देखने को नहीं मिलेगी। आभा आईडी से व्यक्ति दूर बैठे डॉक्टर को भी अपने स्वास्थ्य से जुड़ी जानकारी दे सकता है।

पर्चा बनाने के लिए हमेशा काफी समय तक लाइन में लगना पड़ता था। मगर अब आभा आईडी बनाने से लाइन में लगने की दिक्कत दूर हो गई है। -उल्फत सिंह कठेरिया, लाभार्थी

काम के तनाव से मुझे कुछ याद नहीं रहता है। इसलिए अपने मेडिकल रिकॉड को सहेज कर रखने के लिए आभा आईडी बनवा रहा हूं, जिससे मेडिकल रिकॉर्ड एक जगह सुरक्षित रहे सकें। -संजय गुप्ता, लाभार्थी

अधिक से अधिक मरीजों की आभा आईडी बन सके इसके लिए अधीनस्थों को दिशा-निर्देश दिए गए हैं। वहीं रोजाना कितनी संख्या में आईडी बनाई जा रही है इसकी रिपोर्ट भी ली जा रही है। -डॉ. अलका शर्मा, एडीएसआईसी

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