बाराबंकी: सख्ती के बाद लोगों ने खुद तोड़ने शुरू किये अपने आशियाने, एडीएम-एसडीएम और सीओ ने लिया कार्यों का जायजा

बाराबंकी: सख्ती के बाद लोगों ने खुद तोड़ने शुरू किये अपने आशियाने, एडीएम-एसडीएम और सीओ ने लिया कार्यों का जायजा

बाराबंकी, अमृत विचार। शनिवार को जमुरिया नाले की सफाई का काम दिनभर काफी तेज गति से चला। तो वहीं नाले की जद में आये मकानों को उनके मालिकों द्वारा स्वयं तोड़ा जाने लगा। दरअसल अधिकारियों द्वारा अवैध कब्जा न हटाने पर जेसीबी से उसे हटवाने की चेतावनी दी गई थी। वहीं जमुरिया की परिधि में आये मकानों के परिवार भी कांशीराम आवास में रहने पहुंच गये। शनिवार को सुबह 11 बजे एडीएम डॉ. अरुण कुमार सिंह, एसडीएम बिजय कुमार त्रिवेदी और सीओ जगतराम कनौजिया भारी संख्या में आरआरएफ के जवानों के साथ जमुरिया किनारे हो रहे कार्यों का निरीक्षण करने पहुंचे। उन्होंने घर तोड़ रहे लोगों को पूरा सहयोग देने का आश्वासन दिया। 

शनिवार को घोसियाना से लेकर पीरबटावन तक के लोग अवैध चिह्नित अपने घरों के हिस्सों को तोड़ते रहे। करीब एक दर्जन घरों के अवैध हिस्से गिर भी चुके हैं। एडीएम डॉ. अरुण कुमार सिंह ने बताया कि लोग खुद से मकानों को तोड़ रहे हैं। साथ ही कांशीराम आवासों में भी परिवार शिफ्ट हो गये हैं। सभी लोगों का पूरा सहयोग मिल रहा है, इसलिये फिलहाल कार्य में किसी तरह की कोई समस्या नहीं आ रही है।

वर्जन--
2023 में अर्बन फ्लडिंग की बड़ी घटना हुई थी। क्योंकि जमुरिया नाले से पानी निकलने का रास्ता काफी सकरा हो गया था। 25 मीटर की चौड़ाई में जमुरिया नाले की सफाई का काम तेजी से हो रहा है। 25 मीटर में 42 घर पूरी तरह से टूटेंगे और करीब 112 घरों के आंशिक हिस्सों को तोड़ा जाना है। लोग खुद से अपने घरों को तोड़ रहे हैं। बारिश से पहले यह काम पूरा करा लिया जाएगा।
-सत्येंद्र कुमार, डीएम, बाराबंकी।

20 मीटर में नाले की खुदाई
जमुरिया नाले की सफाई और उसके दोनों ओर से अतिक्रमण हटाने का काम 25 मीटर की परिधि में किया जा रहा है। जिसमें 20 मीटर में नाले की खुदाई के अलावा दोनों तरफ ढाई-ढाई मीटर की जगह में मलबा रखवाया जा रहा है। इस कार्य में लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों के खिलाफ डीएम पहले से ही सख्त कार्रवाई के निर्देश जारी कर चुके हैं।

यहां खाली कराए गये आवास
अभय नगर कांशीराम कॉलोनी- 21 आवास
आवास विकास ओबरी कांशीराम कॉलोनी- 11 आवास
कटरा बारादरी कांशीराम कॉलोनी- 7 आवास
हजाराबाग कांशीराम कॉलोनी- 5 आवास

अनियोजित विकास ने बिगाड़ी सूरत
बाराबंकी शहर का अनियोजित विकास होता गया और जमुरिया में ड्रेनेज पानी का दबाव कई गुना ज्यादा बढ़ गया। रोजाना टनों कूड़ा भी इसमें फेंका जाता है। लोगों ने नाले के अंदर तक अवैध प्लाटिंग कर मकान, दुकान व स्कूलों के भवन खड़े कर दिए। जिसने जमुरिया की सूरत बिगाड़ दी। देवा रोड के भेड़हा नाले के पास से निकला जमुरिया नाला शहर के अंदर से होते हुए रेठ नदी में गिरता है। 10 किमी लंबे इस नाले में छोटे बड़े मिलाकर करीब 200 नाले गिरते हैं। केवल शहर ही नहीं जहांगीराबाद व देवा इलाके का अतिरिक्त पानी भी जमुरिया से होकर रेठ नदी फिर गोमती में समाहित होता है। हालात यह बन गये कि जमुरिया नाला अपने किनारों के लिए नहीं बल्कि अपने स्वयं के वजूद के लिए संघर्ष करने लगा। इसी का नतीजा हुआ कि नाले की सफाई न हो पाने के चलते पिछले साल हुई बारिश में पूरे शहर भीषण जल त्रास्दी झेली और शहरवासियों को 100 करोड़ से ज्यादा का नुकसान झेलना पड़ गया।

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