हल्द्वानी: बनभूलपुरा के उपभोक्ताओं पर विद्युत विभाग का 2.50 करोड़ रुपये बकाया, बिल वसूली में विभाग के छूट रहे पसीने

हल्द्वानी: बनभूलपुरा के उपभोक्ताओं पर विद्युत विभाग का 2.50 करोड़ रुपये बकाया, बिल वसूली में विभाग के छूट रहे पसीने

हल्द्वानी, अमृत विचार। विद्युत विभाग बिल जमा नहीं करने पर कनेक्शन काटने की चेतावनी देता व अमूमन लोग डर से भुगतान कर देते, लेकिन बनभूलपुरा क्षेत्र में विभाग की यह हेकड़ी भी काम नहीं आ रही है। शहरी क्षेत्र में विभाग को बकाया बिलों की सबसे ज्यादा करीब 2.50 करोड़ रुपये की वसूली बनभूलपुरा से करनी है।

हालिया दंगे से दागदार हुआ बनभूलपुरा के हालात सामान्य होने लगे तो प्रशासन से रायशुमारी के बाद विद्युत विभाग ने भी सोमवार से यहां बकाया बिलों की वसूली का अभियान तेज कर दिया। लाउड स्पीकर से मुनादी की गई व लाइन नंबर-7 व गौजाजाली में कैंप लगाए गए। अधिकारियों ने बताया कि इसके बाद भी बिल जमा न करने पर लोगों के कनेक्शन काटे जाएंगे। 

अधिकारियों के मुताबिक, बनभूलपुरा में 10-12 हजार उपभोक्ता हैं, जिन पर विभाग का 2.50 करोड़ रुपये बकाया है, जिसमें से कइयों को 50 हजार से 1 लाख रुपये तक तक का भुगतान करना है।
अधिकारियों की मानें तो बीते सालों में बनभूलपुरा क्षेत्र में बकाया की राशि सबसे ज्यादा व वसूली दर बेहद कम रही है।

पिछले साल भी क्षेत्र में करोड़ों रुपये की बकाया राशि में से विभाग बहुत कम वसूली कर पाया था। 
इधर, कनेक्शन काटने के बाद विभाग बकाएदारों के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज कराता है लेकिन इसके बाद भी वसूली दर में वृद्धि नहीं हो पाई। अधिकारी बताते हैं कि शहर में बनभुलपूरा स्थित 13 बीघा बिजली घर से सबसे ज्यादा विद्युत चोरी होती है व लाख कोशिशों के बाद भी इस पर लगाम नहीं लग पा रही।

मंडलायुक्त ने पूर्व में मारा था छापा
नवंबर, 2022 में कुमाऊं मंडलायुक्त ने तिनकोनिया स्थित विद्युत वितरण खंड कार्यालय का औचक निरीक्षण किया था। विभाग के अधिकारियों ने उन्हें जानकारी दी कि डिवीजन में 7 बिजली घर हैं, जिसमें से 13 बीघा बनभुलपूरा बिजली घर से सबसे ज्यादा बिजली चोरी होती है। तब आयुक्त ने विजिलेंस को नियमित चेकिंग कर विद्युत चोरी करने वालों लोगों पर एफआईआर दर्ज कर वसूली करने के निर्देश दिए थे।


बनभूलपुरा क्षेत्र में दो स्थानों पर कैंप लगाए गए हैं, जिन लोगों ने अब तक पुराना बकाया नहीं चुकाया है, वे कैंप में जाकर भुगतान कर सकते हैं।
- मनीष जोशी, एसडीओ, विद्युत विभाग

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