सीतापुर: मृत गौवंशो की जांच को लेकर कपसा कलां की गौशाला पहुंचीं CDO, सवाल जवाब पर BDO को लगाई फटकार

Amrit Vichar Network
Edited By Anjali Singh
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सीतापुर, अमृत विचार। महोली विकासखण्ड इलाके के सरकारी गौशाला में गौकशी की शर्मनाक घटना के बाद हुई प्रशासनिक फजीहत को संभालने और दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करने के इरादे से आला अधिकारियों का दौरा जारी है। सोमवार को पशुपालन विभाग की उच्च स्तरीय टीम की स्थलीय जांच के 24 घण्टे बाद CDO और DDO की टीम पिसावां ब्लॉक की बहुचर्चित कपसा कलां गौशाला पहुंची।

शुक्रवार को इसी गौशाला में प्रधान की सहमति से गैरजनपदीय गैर समुदाय के लोगों द्वारा मृत गोवंशों की खाल निकाली जा रही थी। जिसके बाद ग्राम पंचायत अधिकारी ने खुद को बचाते हुए ग्राम प्रधान सहित पांच लोगों के विरुद्ध केस दर्ज कराया था।

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जानकारी के अनुसार CDO निधि बंसल, DDO हरिश्चंद्र प्रजापति के साथ कपसा कलां के श्रीकृष्ण गो आश्रय स्थल पहुंचीं। यहां उन्होंनें दस्तावेज जांचते हुए गोवंशों की संख्या, गोवंशों की संख्या के सापेक्ष केयर टेकर की संख्या, उनके नियमित इलाज, दवाओं की मौजूदगी, बीमार पशुओं की संख्या और उनकी देखभाल व खान-पान संबंधी दावों की हकीकत परखी। बीमार पशुओं की संख्या करीब एक दर्जन बताए जाने पर उन्होंने कमजोर और बीमार पशुओं को अलग-अलग टीनशेड में रखने का निर्देश दिया।

इस दौरान CDO ने स्टोर रूम और सर्वेंट क्वाटर आदि की जांच-पड़ताल की। उन्होंने गोशाला में साफ-सफाई को लेकर विशेष निर्देश दिया। जमीनी-पड़ताल के बाद सीडीओ ने जब मृत गोवंशों के नियमानुसार निस्तारण संबंधी सवालों की झड़ी लगाई और शुक्रवार को घटित हुई घटना का जिक्र किया तो BDO अमित यादव, वीडीओ संजय वर्मा और ग्राम प्रधान विपिन कुमार के माथे पर पसीना छलछला उठा।

CDO के सवाल पर अधीनस्थ हकलाते हुए नजर आ रहे थे। पर्दे के पीछे की हकीकत समझने के बाद उन्होंने BDO को फटकार लगाते हुए अव्यवस्थाओं को तत्काल दुरुस्त करने और निष्ठा पूर्वक अपने दायित्वों का निर्वहन करने का निर्देश दिया। भ्रष्टाचार के विरुद्ध उनके तेवर से ब्लॉककर्मी सहमे-सहमे से नजर आए।

 

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