रामपुर: उत्तराखंड सरकार पर धार्मिक मामलों में हस्तक्षेप करने का जड़ा आरोप

रामपुर: उत्तराखंड सरकार पर धार्मिक मामलों में हस्तक्षेप करने का जड़ा आरोप

बिलासपुर, अमृत विचार: तराई सिख महासभा और भारतीय सिख संगठन ने संयुक्त रूप से बैठक करके धामी सरकार पर निशाना साधा है। आरोप लगाते हुए कहा कि उत्तराखंड सरकार बिना वजह धार्मिक मामलों में हस्तक्षेप कर रही है। क्षेत्र में धार्मिक स्थलों को लेकर हो रही परेशानी को देखते हुए एक प्रतिनिधि मंडल श्री अकाल तख्त साहिब पर फरियाद लेकर जाएगा।

सोमवार को दोनों संगठनों के बैनर तले क्षेत्र के हाईवे स्थित एक होटल में सिख समाज के लोगों को भारी संख्या में एकत्रित किया। होटल में बैठक की गई और बारी-बारी वक्ताओं ने मंच के माध्यम से अपने विचार व्यक्त किए। वक्ताओं ने आरोप लगाया कि उत्तराखंड सरकार और उसका सरकारी तंत्र गुरुद्वारा नानकमत्ता साहिब में हस्तक्षेप कर रहा है। 

लाखों की संगत द्वारा चुने गए अध्यक्ष को हटाकर अब वहां एक सरकारी प्रधान का कब्जा करवाने की कोशिश की जा रही है। गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के 16 सदस्यों को अलग कर दिया गया है। उनकी जगह गठित 11 सदस्यों की टीम द्वारा जो भी मनमाने फैसले लिए जा रहे हैं, सरकारी तंत्र द्वारा उनको मान्यता दी जा रही है। जिसको लेकर सिख समाज में आक्रोश की भावना पैदा हो रही है। 

इसके अलावा बाबा तरसेम सिंह के हत्याकांड में तीन निर्दोष लोगों को साजिशन फंसाया गया है। संगत द्वारा पुलिस से अनुरोध किया गया है कि,निर्दोष लोगों पर कार्रवाई न की जाए। कहा कि मुकदमे में नामजद बाबा अनूप सिंह का बाबा तरसेम सिंह के हत्याकांड से कोई लेना देना नहीं है। प्रशासनिक अमला उन्हें परेशान कर रहा है। 

बैठक में जसबीर सिंह विर्क, परमजीत सिंह, संतोख सिंह रंधावा, देवेंद्र सिंह, सतनाम सिंह, सतवंत सिंह, सूरत सिंह, दर्शन सिंह,अन्तरप्रीत सिंह, लखविंदर सिंह, दरबार सिंह, जसबीर सिंह, पाल सिंह, बलबीर सिंह बेरखेड़ी, बलजीत सिंह गौलापार, सलविंदर सिंह कलसी, रणजीत सिंह, सुखदेव सिंह, केहर सिंह, मलकीत सिंह बाजवा, जगजीत सिंह भुल्लर, सूरत सिंह सहित मौजूद रहे।

इन मुद्दों पर हुई चर्चा 
हरबंस सिंह चुघ को सरकार की मदद से गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी श्री नानकमत्ता साहिब की अध्यक्षता से हटाने का प्रयास किया रहा है। साथ ही 27 में से केवल 11 सदस्य ही निर्णय ले रहे हैं। जब तक कमेटी संयुक्त रूप से निर्णय नहीं ले लेती, तब तक दिल्ली वाली कारसेवा, नानकमत्ता साहिब में कारसेवा में शामिल न हों। यदि दिल्ली कारसेवा ऐसा नहीं करती है तो हर क्षेत्र की संगत द्वारा दिल्ली वाली कारसेवा को दिया जाने वाला सहयोग तुरंत बंद कर दिया जाए। दिल्ली के कई ऐतिहासिक गुरुद्वारों में भी दिल्ली वाली कारसेवा, सेवा संचालित करती है। 

संगत पूछना चाहती है कि, क्या उन्होंने दिल्ली के ऐतिहासिक गुरुद्वारों में भी ट्रस्ट बनाए हैं, यदि नहीं तो उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश में ऐसा क्यों है। बहेड़ी वाले जोगिंदर सिंह को गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी नानकमत्ता साहिब का अध्यक्ष स्वीकार नहीं करती। सरकार के सहयोग से बैठे इस सरकारी अध्यक्ष को गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी का कार्यालय तुरंत खाली कर देना चाहिए। उत्तराखंड की धामी सरकार प्रशासन का दुरुपयोग कर गुरुद्वारों और सिख समाज के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप कर रही है। 

उन्हें ऐसा नहीं करना चाहिए तथा ऐसे व्यक्ति को मुख्यमंत्री बने रहने का कोई अधिकार नहीं है। क्षेत्र में धार्मिक स्थलों को लेकर हो रही परेशानी को देखते हुए एक प्रतिनिधि मंडल श्री अकाल तख्त साहिब पर फरियाद लेकर जाएगा। साथ ही उत्तराखंड प्रशासन से मांग की जाती है कि तरसेम सिंह हत्याकांड में बाबा अनूप सिंह, हरबंस सिंह चुघ और प्रीतम सिंह संधू को षड्यंत्र के तहत फंसाया गया है। इन तीनों का नाम जल्द से जल्द एफआईआर से हटाया जाए आदि मुद्दों पर चर्चा हुई। 

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