रेलवे का लोहा बेचे जाने का मामला: ...तो गोदाम में रखा था रेलवे का लोहा, 12 जनवरी को बिका!

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Edited By Amrit Vichar
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पीलीभीत, अमृत विचार। शहर के बर्तन व्यापारी के भाई द्वारा रेलवे का लोहा बेचे जाने का शोर मचने पर आरपीएफ के अफसर संजीदा है। कमांडेंट ने गहनता से जांच कराने के आदेश दिए हैं। वहीं एक और बात सामने आ रही हैं कि लोहा गोदाम पर रखा गया था जोकि 12 जनवरी को ही बेच दिया गया। जबकि टीम 13 जनवरी यानी जिस दिन बात खुलने पर किशोर कर्मचारी को थप्पड़ जड़ा गया था उस दिन की फुटेज चेक करके आई। फिलहाल, मामला गर्माया हुआ है। पांच दिन बीत जाने के बाद आरपीएफ किशोर और कबाड़ी तक नहीं पहुंच सकी है।

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घटना शुक्रवार को उजागर हुई थी। वार्ड नंबर दो के निवासी एक किशोर के परिवार ने शहर के बर्तन व्यापारी की दुकान पर हंगामा किया था। उनका कहना था कि किशोर दुकान पर काम करता था। व्यापारी के भाई ने साढ़े पांच कुंतल लोहा सामने की दुकान पर आने वाले एक कबाड़ी को बेचा था। इसमें रेलवे का लोहा जोकि पटरी बताई जा रही हैं। वह भी थी। यह लोहा 12 जनवरी को बेचा गया था। फिर दूसरे दिन जब इसकी जानकारी दूसरे को हुई तो भाई को डांट फटकार कर छोड़ दिया और किशोर के थप्पड़ मार दिया। इस दिन से किशोर काम पर भी नहीं गया। किशोर शिकायत करना चाहता था मगर परिजन ने आर्थिक तंग स्थिति को देखते हुए कदम पीछे कर दिए। इस मामले का शोर बढ़ा तो व्यापारी नेताओं ने भी पड़ताल की हामी भरी। 

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मामला रेलवे के अफसरों तक पहुंचा तो जांच शुरू की गई। सोमवार को आरपीएफ की टीम बर्तन व्यापारी के पहुंची और 13 जनवरी की सीसीटीवी की फुटेज चेक की। जिसमे थप्पड़ मारने की घटना भी कैद मिली तो चर्चाओ को बल मिला था। लोकल स्तर पर आरपीएफ ने बिना किशोर और कबाड़ी तक पहुंचे क्लीन चिट देने का मन बना लिया। जबकि 12 जनवरी की भी फुटेज चेक नहीं की गई थी। बताते हैं कि लोहा तौला तो दिन में ही गया था, मगर कबाड़ी को रात 10 बजे के बाद जब बाज़ार बंद हो गया, तब डिलीवरी दी गई। अगर, यह बात सच है तो सब कुछ सही था तो रात में डिलीवरी क्यों दी गई। फिलहाल, अब आरपीएफ के अफसर गहनता से जांच की बात कह रहे हैं।

मामला संज्ञान में आया है। सोमवार को टीम को दुकान पर जांच करने के लिए भेजा गया था। सीसीटीवी चेक किए गए तो लोहा तो दिखा मगर रेलवे का नहीं था। कबाड़ी और किशोर नहीं मिले है। प्रकरण की गहनता से जांच कराई जाएगी। दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी।- ऋषि पांडेय, कमाडेंट, आरपीएफ।

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