बदलता बरेली..! 30 लाख में तय हुआ था 15 करोड़ के प्लॉट पर कब्जे का सौदा

माफिया के बढ़ते हौसले और ताकत के खुले प्रदर्शन के पीछे थी कई दिनों की तैयारी, किराए पर इकट्ठे किए गए थे गुंडे

बदलता बरेली..! 30 लाख में तय हुआ था 15 करोड़ के प्लॉट पर कब्जे का सौदा

बरेली, अमृत विचार। पीलीभीत बाईपास पर करीब 15 करोड़ कीमत के प्लॉट पर कब्जे के लिए शनिवार को सड़क पर डेढ़ घंटे तक फायरिंग की जिस घटना ने बरेली में अपराध का नया इतिहास बना दिया, उसे अंजाम देने के लिए 30 लाख रुपये कीमत अदा कर किराए के गुंडे बुलाए गए थे। कथित रूप से कोर्ट के एक आदेश के साथ राजीव राणा पक्ष पुलिस को लेकर सुबह छह बजे प्लॉट पर कब्जा लेने पहुंचा तो वहां हथियारों से लैस ये गुंडे भी मौजूद थे। इज्जतनगर पुलिस ने इस मामले में जरूरत से ज्यादा दिलचस्पी तो दिखाई लेकिन माना जा रहा है कि यह अंदाजा उसे भी नहीं था कि मौके पर गैंगवार की भी पूरी तैयारी पहले ही की जा चुकी है।

एंटी भूमाफिया और अपराधियों के पलायन कर जाने के दावों बीच शनिवार को बरेली में जो माफिया के बढ़ते हौसले और ताकत का खुला प्रदर्शन किया गया, उसके पीछे कई दिनों की लंबी तैयारी बताई जा रही है। इस मामले में गिरफ्तार एक आरोपी के मुताबिक प्लॉट पर कब्जा करने के लिए 30 लाख रुपये में सौदा तय हुआ था। यह सौदा हिस्ट्रीशीटर केपी यादव ने अपने एक दोस्त के जरिए तय कराया था। इसके बाद अवैध हथियारों के साथ शहर से देहात तक के किराए के तमाम गुंडों को बुलाया गया था। राजीव राणा पक्ष की ओर से इन गुंडों के साथ शहर से कुछ दूर की गई पार्टी में पहले ही पूरी प्लानिंग भी समझा दी गई थी।

इस प्लानिंग के बाद शुक्रवार देर रात ये सभी शहर के एक होटल में इकट्ठे हो गए थे। कुछ घंटे यहीं काटे और फिर योजना के तहत शनिवार सुबह पीलीभीत बाईपास पर पहुंचकर प्लॉट पर कब्जा शुरू कर दिया गया।काफी तोड़फोड़ होने के बाद जब आदित्य उपाध्याय पक्ष को इसका पता चला तो विरोध हुआ और फिर ताबड़तोड़ गोलियां चलनी शुरू हो गईं।

कॉल डिटेल और लोकेशन..! पहले ही पता था हमले के बाद यही करेगी पुलिस
पुलिस अधिकारियों ने इस मामले के आरोपियों की हफ्ते भर की कॉल डिटेल निकालने के साथ और उनकी लोकेशन का पता लगाने का निर्देश दिया है लेकिन वे लोग पहले ही जानते थे कि पुलिस क्या करेगी और उससे बचने के लिए तैयारी भी कर चुके थे। बताया जा रहा है कि भाड़े के बदमाशों के साथ जब पार्टी की गई थी तो उन्हें समझा दिया गया था कि हमले से पहले उन्हें क्या करना है ताकि बाद में पुलिस छानबीन करे तो यह पुष्टि न हो सके कि वे मौके पर थे। रविवार को आरोपी राजीव राणा ने अपना पक्ष साफ करते हुए जो वीडियो जारी किया, उसमें भी वह पुलिस को अपनी और अपने लोगों की लोकेशन का पता लगाने की चुनौती देता दिख रहा है।

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