बरेली: दो हजार के नोटों की नोटबंदी का मैसेज गूंजा...घरों में छिपा कालाधन आएगा बाहर

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Edited By Amrit Vichar
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बरेली, अमृत विचार। 2024 में होने वाले लोकसभा चुनाव की तैयारियां शुरू हो गई हैं। भाजपा हो या कांग्रेस समेत अन्य दल। लोस चुनाव को ध्यान में रखते हुए कर्नाटक के विधानसभा चुनाव से लेकर यूपी में नगरीय निकाय चुनाव लड़े गए। यूपी में भाजपा ने नगरीय निकाय चुनाव को मिशन 2024 का सेमीफाइनल मानकर लड़ा था। 

शुक्रवार देर शाम आरबीआई ने 2000 रुपये के नोट को वापस मंगाने का आदेश जारी किया तो बाजार में 2000 नोटों की नोटबंदी का मैसेज फैल गया। लोग एक दूसरे को कॉल कर पूछने लगे कि क्या...2016 में 1000 और 500 रुपये की हुई नोटबंदी की तरह 2000 नोट भी बंद कर दिया है। काफी देर तक व्यापारियों, उद्यमी, राजनैतिक लोगों से लेकर तमाम लोगों के बीच नोटबंदी होने की बातें गूंजती रहीं। काफी देर बाद तस्वीर सामने आई कि अभी 2000 के नोटों को आरबीआई ने 30 सितंबर तक बैंकों में जमा करने के लिए कहा है लेकिन इसे राजनैतिक लोग लोकसभा चुनाव से जोड़ रहे हैं।

लोगों का मानना है कि लाेकसभा चुनाव में राजनैतिक दल धन का दुरुपयोग न कर सकें, इसलिए यह आदेश जारी किया है। फिलहाल कारण जो भी हो मगर इस आदेश ने उन लोगों के लिए बड़ा झटका दिया है जो 2000 रुपये के नोटों को घर में छिपाकर रखे हैं। इससे बाजार से गायब नोट बैंक तक पहुंचेंगे। इससे कालाधन भी बाहर जा जाएगा। 

इधर, भाजपा महानगर अध्यक्ष डॉ केएम अरोड़ा इसे नोटबंदी की संज्ञा न देते हुए कहते हैं कि 2000 रुपये का नोट तो पहले से ही चलन से गायब है। धनाढ्य लोगों के पास जो छिपा धन है, इस आदेश से बाहर आ जाएगा। आरबीआई के इस फैसले को आगामी चुनाव से जोड़ना नासमझी है। भाजपा नेता प्रतिपाल सिंह बंटी ठाकुर का कहना है कि नोट वापस लेने से कालाधन बाहर जाएगा।

क्या कहते हैं व्यापारी नेता
भारत सरकार का कदम सराहनीय है। इससे नकली मुद्रा का चलन रुकेगा। व्यापार मंडल सरकार के इस कदम से सहमत है। मुद्रा को लेकर सरकार को समय समय पर निर्णय लेते रहना चाहिए। भविष्य में वैश्विक परिदृश्य में भारत की अर्थव्यवस्था और ज्यादा मजबूत होगी।-राजेंद्र गुप्ता, प्रांतीय महामंत्री, उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल

दो हजार के नोट को लेकर अचानक निर्णय लेकर सरकार ने एक बार फिर चौंकाया है। इससे डिजिटल लेनदेन को बढ़ावा मिलेगा। भारत की अर्थव्यवस्था पहले से ज्यादा मजबूत होगी। नकली मुद्रा बाजार में प्रचलन से बाहर हो जाएगी और लोग घर पर कैश रखना और कम करेंगे।-अनुज अग्रवाल, चेयरमैन बीमा घर

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