प्रयागराज: अवैध कर वसूली को लेकर हाईकोर्ट गंभीर

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प्रयागराज, अमृत विचार। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अवैध कर वसूली के मामले में महत्वपूर्ण निर्णय देते हुए कहा कि राज्य के पास उस धन को रखने की कोई शक्ति नहीं है जो उसने कानून के किसी अधिकार के बिना लिया है। 

संविधान के अनुच्छेद 265 के प्रावधान के अनुसार कानून के अधिकार के बिना कोई भी कर एकत्र नहीं किया जा सकता है और जो राशि अवैध रूप से एकत्र की गई है, उसे संबंधित व्यक्ति को वापस करना आवश्यक है। अवैध राशि का भुगतान ब्याज के साथ सरकार द्वारा मुआवजे के रूप में होना चाहिए। ऐसी परिस्थितियों में ब्याज के भुगतान के लिए किसी विशेष प्रावधान की आवश्यकता नहीं है।

यह आदेश न्यायमूर्ति शेखर बी सराफ की एकलपीठ ने अपर जिला मजिस्ट्रेट (वित्त/राजस्व), अलीगढ़ द्वारा पारित 24 जनवरी 2024 के आदेश को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए याची विनोद कुमारी द्वारा जमा की गई स्टैंप ड्यूटी की वापसी के निर्देश के साथ पारित किया।

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