सीतापुर: गौशाला में गौवंशों की मौत की जांच पूरी, अब दोषियों पर कार्रवाई का इन्तजार 

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Edited By Anjali Singh
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सीतापुर,अमृत विचार। गोवंश महज जानवर ही नहीं बल्कि हिंदुओं की आस्था का केंद्र हैं। वह शुभता और देवत्व का प्रतीक हैं। वह वेदों और पुराणों में भी वर्णित हैं। उसकी महत्ता पुण्य से लेकर मोक्ष प्राप्ति तक मानी गई है। शायद इसीलिए योगी सरकार ने गांव-गांव गोशाला बनाकर उनके संरक्षण और भरण-पोषण का इंतजाम किया। लेकिन संवेदनहीन लोगों ने अपने फर्ज से हटकर आस्था का कत्ल करा दिया।

गौशाला में मृत गोवंशों के अंग-भंग कराकर अपनी जेबें गरम कीं। जब खुलासा हुआ तो जिम्मेदारों ने अपना दामन बचाकर अपराध का अल्पीकरण कर प्रधान सहित पांच के विरुद्ध केस दर्ज कराया और आरोपितों के विरुद्ध शांतिभंग की कार्रवाई की। विकास खंड महोली इलाके में हैरत है कि अफ़सर का अभयदान प्राप्त प्रधान व ग्राम पंचायत अधिकारी त्वरित कार्रवाई की जद से बाहर हो गए।

केस कागजों पर दर्ज हुआ और कागजों पर ही खत्म हो जाएगा। लेकिन आस्था का कत्ल करने वालों पर सिस्टम की यह मेहरबानी शुभ संकेत नहीं है। लोगों को अब उनके विरुद्ध कठोर कार्रवाई का बेसब्री से इंतजार है। गांव में चर्चा है कि गोशाला में प्रधान और ग्राम पंचायत अधिकारी की मिलीभगत से मृत गोवंशों की खाल और हड्डी निकालकर बेची जाती थी।

शुक्रवार को भी हरदोई जनपद के कुछ लोग यही कुकृत्य कर रहे थे तभी बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ताओं ने छापामारी कर दो लोगों को दबोच लिया,जबकि अन्य चार मौके से भागने में सफल रहे। मौके से मिले धारदार चाकू और अंग-भंग गोवंशों के शव यह गवाही दे रहे थे कि माननीय संवेदनाओं और कानून के विरुद्ध उनका शव प्रताड़ित किया जा रहा था।


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