बाराबंकी: चुनाव से पहले बसपा की इस पूर्व विधायक ने किया खेला, INDIA गठबंधन को लेकर कर दिया बड़ा ऐलान

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Edited By Amrit Vichar
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बाराबंकी, अमृत विचार। बाराबंकी की फतेहपुर विधानसभा सीट से बसपा विधायक रही मीता गौतम ने प्रदेश कार्यालय में कांग्रेस का दामन थाम लिया। मीता गौतम को कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव और लोकसभा प्रभारी अविनाश पांडे ने पार्टी की सदस्यता दिलाई। मीता गौतम के सैकड़ो समर्थक भी कांग्रेस में शामिल हुए। इस मौके पर पूर्व सांसद पीएल पुनिया, दिनेश सिंह, नसीमुद्दीन सिद्दीकी मौजूद रहे।

ज्वाइनिंग के बाद बाराबंकी में मीता गौतम ने कहा कि वह इंडिया गठबंधन प्रत्याशी तनुज पुनिया को अपना पूरा समर्थन देकर उन्हें विजय दिलाएंगी। आपको बता दें कि फतेहपुर विधानसभा सीट से मीता गौतम बसपा उम्मीदवार के तौर पर पीएल पुनिया को चुनाव में शिरकत देकर पहली बार विधायक बनी थीं। 

पार्टी की सदस्यता ग्रहण करने के बाद मीता गौतम ने इंडिया गठबंधन प्रत्याशी तनुज पुनिया के केन्द्रीय चुनाव कार्यालय पर प्रेस वार्ता के दौरान कहा कि हमारी भाजपा में सीधी लड़ाई है। इस चुनाव में किसी और दल के लड़ने का कोई मतलब नहीं। तनुज पुनिया का साथ देना समय और जनता की आवज है। 

30 साल बहुजन समाज पार्टी की सेवा करने के बाद मैं कुछ कारणों से इस्तीफा देकर कांग्रेस पार्टी में शामिल हुयी हूं। हम लोग मिलकर तनुज पुनिया को जीत दिलाएंगे। केन्द्रीय चुनाव कार्यालय पर मीता गौतम का पूर्व सांसद डॉ पी.एल. पुनिया, पूर्व सांसद रामसागर रावत, पूर्व मंत्री नसीमुद्दीन सिद्दीकी, पूर्व मंत्री नकुल दुबे समेत बाकी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने स्वागत किया।

बसपा छोड़ने का कारण पूछने पर मीता गौतम ने कहा कि हम लोग जन प्रतिनिधि हैं और जनता की जो मंशा होती है उसके अनुरूप ही हमे चलना होता है। समय की पुकार है कि भाजपा को सत्ता से बाहर करें, वरना बाबा साहब के संविधान और लोकतंत्र को अब खतरा है। भाजपा डर और दहशत का माहौल बनाकर चुनाव जीतना चाहती है। इसलिये नामांकन में बुलडोजर लेकर उनके कार्यकर्ता बिना भय के दिखे। 

जनता इनकी बुलडोजर संस्कृति का जवाब वोट की ताकत से देगी। पीएम मोदी के मंगलसूत्र के संबंध में सवाल पूछने पर उन्होंने कहा कि यह मुद्दा भाजपा का चुनाव के असर मुद्दों से भटकाने वाला काम है। पीएम को बढ़ती हुई महंगाई, बेरोजगारी, महिला सुरक्षा, बिगड़ती कानून व्यवस्था पर बात करनी चाहिये, लेकिन वह मंगलसूत्र की बात कर रहे हैं। हकीकत में करोना वैक्सीन लगवा कर भाजपा सरकार ने मां बहनों का मंगल सूत्र छीनने का काम किया है।

2007 में बनी थीं बसपा विधायक 

मीता गौतम ने साल 1996 में बसपा ज्वाइन किया था। 1996 में लखनऊ के मेयर चुनाव के दौरान प्रत्याशी दाऊजी गुप्ता के समर्थन में उन्होंने बसपा की सदस्यता ग्रहण की। उन्होंने बसपा में विभिन्न पदों पर रहकर संगठन का काम किया। साल 2002 में उन्होंने निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर फतेहपुर विधानसभा सीट से चुनाव लड़ा और लगभग 16465 वोट प्राप्त हासिल किये। साल 2007 के विधानसभा चुनाव में मीता गौतम ने बसपा के टिकट पर फिर फतेहपुर विधानसभा सीट से चुनाव लड़ा था।

इस बार उन्होंने अपने निकटतम प्रतिद्वंदी कांग्रेस प्रत्याशी पीएल पुनिया को शिकस्त दी और पहली बार विधायक बनीं थीं। इसके बाद 2007 में उन्होंने बसपा के टिकट पर दोबारा से इसी सीट से चुनाव लड़ा और लगभग 34,430 वोट प्राप्त कर कांग्रेस के उम्मीदवार डॉ. पीएल पुनिया को शिकस्त दी। चुनाव जीतने के बाद 2010 से 2012 तक बाल विकास पुष्टाहार विभाग में उन्होंने अध्यक्ष पद के तौर पर भी काम किया। मीता गौतम 2012 में फतेहपुर, 2017 में जैदपुर, 2022 में कुर्सी सीट से विधानसभा चुनाव लड़ चुकी हैं।

मीता गौतम अच्छी चुनावी रणनीतिकार- पुनिया

पूर्व सांसद डॉ पी.एल. पुनिया ने मीता गौतम का स्वागत करते हुये कहा कि पूर्व विधायक मीता गौतम एक कर्मयोगी जननायक ही नहीं एक अच्छी चुनावी रणनीतिकार भी हैं। इनकी कार्यकुशलता मैं जानता हूं। इन्होने चुनाव में मुझे भी पराजित किया है। इनके कांग्रेस पार्टी मे शामिल होने से निश्चित रूप से हामारी ताकत बढ़ेगी। मीता गौतम के सहयोग से बाराबंकी लोकसभा सीट से इंडिया गठबन्धन के प्रत्याशी तनुज पुनिया को बड़ी जीत मिलेगी।

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