पीलीभीत: अब डकैती के आरोपियों को बताया बेगुनाह, एसपी दफ्तर पहुंची भीड़

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पीलीभीत, अमृत विचार। अभी दो दिन पहले ही आढ़ती पर दर्ज सामूहिक दुष्कर्म के मुकदमे में जन समर्थन हुआ और मामले को पीलीभीत पुलिस ने 24 घन्टे के भीतर एक तरह से आरोपियों को क्लीन चिट दे दी गई। इसके बाद कन्फेक्शनरी व्यापारी के यहां हुई डकैती के मामले में सत्ताधारी नामजद हुए तो कई …

पीलीभीत, अमृत विचार। अभी दो दिन पहले ही आढ़ती पर दर्ज सामूहिक दुष्कर्म के मुकदमे में जन समर्थन हुआ और मामले को पीलीभीत पुलिस ने 24 घन्टे के भीतर एक तरह से आरोपियों को क्लीन चिट दे दी गई। इसके बाद कन्फेक्शनरी व्यापारी के यहां हुई डकैती के मामले में सत्ताधारी नामजद हुए तो कई अलग अलग संगठन के लोग जमा हुए।

एसपी दफ्तर पहुचकर उन्हें बेगुनाह बताया है। खास बात है कि नामजद आरोपी गया भी नहीं और उसके ही नाम से शिकायती पत्र देकर अभयदान मांग लिय्या गया। अब पुलिस भी अपने ही दर्ज किए मुकदमे में आगे की कार्रवाई को लेकर असमंजस में  पड़ गयी है।

घटना 19 सितंबर की रात की है। सुरभि कालोनी के रहने वाले देवेंद्र कुमार ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि उनकी माधोटांडा रोड पर कंफेक्शनरी की दुकान है। घटना के दिन रात करीब 10 बजे धर्मेंद्र चौहान, अमित गंगवार, इंद्रेश सिंह चौहान, बंटी, चिन्टू अपने साथियों संग असलहों से लैस होकर दुकान में घुस आए। दबंगई दिखाते हुए गाली गलौज शुरू कर दी। विरोध करने पर हमला बोल दिया। मारपीट की गई। दुकान पर काम करने वाले रवि कश्यप की भी पिटाई कर दी।

आठ हजार रुपये और सोने की चेन लूट ली। इस मामले में नौगवां नगर पंचायत से अध्यक्ष पद के दावेदार समेत पांच नामजद किये गए। इसमें डकैती का मुकदमा दर्ज किया गया। गुरुवार को तमाम लोग एसपी दफ्तर पहुँचे और एक पत्र दिया। जिसमें बताया कि नामजद आरोपी तो माधोटांडा से वापस आ रहे थे। जब दुकान के बाहर भीड़ देखी तो बीच बचाव करने को रुक गए थे। उनका नाम हटाने की मांग की गई।

तो क्या फिर नामजद आरोपी पुलिस लाइन पहुंच गए
अभी कुछ दिन पहले ही एक मामला चर्चा में रहा था। जिसमे बरखेडा का हत्यारोपी पुलिस लाइन पहुचकर एक अफसर के दफ्तर में था और हंगामे के बाद पकड़ा गया। फ़ज़ीहत के बाद भी जांच नहीं हुई। अब डकैती के मामले में भीड़ पहुँची और एसपी दफ्तर में शिकायती पत्र दिया। खास बात यह थी कि शिकायती पत्र नामजद आरोपी के नाम से ही था। तो क्या अब डकैती का आरोपी अफसर के दफ्तर तक हो आया। उधर सीओ सिटी सुनील दत्त का कहना है कि इसकी कोई जानकारी उन्हें नही है।

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