Almora News: जल स्रोतों के संरक्षण के लिये धरने पर बैठे ग्रामीण, शासन-प्रशासन के खिलाफ जमकर की नारेबाजी 

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Edited By Amrit Vichar
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अल्मोड़ा, अमृत विचार। पर्यावरण दिवस के मौके पर प्राकृतिक जल स्रोतों को बचाने के लिए सोमेश्वर के कांडे बिठोली के ग्रामीणों ने देवी मंदिर परिसर में धरना दिया। इस दौरान ग्रामीणों ने लोक निर्माण विभाग पर सडक़ निर्माण के दौरान नौलों और जल स्रोतों को मिट्टी डालकर बंद करने का आरोप लगाया। साथ ही बंद स्रोतों को शीघ्र ना खोलने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी भी दी। 

सोमवार को ग्रामीणों ने पेयजल स्रोतों के संरक्षण के लिए आयोजित धरने के दौरान शासन प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। पानी बोओ, पानी उगाओ अभियान के संयोजक मोहन कांडपाल ने कहा कि एक ओर सरकार नमामि गंगे और जल स्रोतों को बचाने के लिए जलाशयों का निर्माण कर रही है। वहीं विभागीय लापरवाही के चलते गांव के नौलों और जल स्रोतों को मिट्टी डालकर बंद किया जा रहा है। 

उन्होंने कहा कि लोनिवि द्वारा सडक़ निर्माण की मिट्टी से जल स्रोतों को बुरी तरह पाट दिया गया है। जिस कारण कई जल स्रोत अब सूखने के कगार पर हैं। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों ने कई बार विभाग के अधिकारियों से इस मामले की शिकायत भी की। लेकिन कोई सकारात्मक कार्रवाई नहीं हो सकी। जिस कारण ग्रामीणों को मजबूरन धरने पर बैठना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि अगर विभाग ने अपनी कार्यप्रणाली में शीघ्र सुधार नहीं किया तो उग्र आंदोलन शुरु कर दिया जाएगा। 

धरना सभा में खीमानंद कांडपाल, गिरीश कांडपाल, नवीन कांडपाल, एबी कांडपाल, प्रयाग कांडपाल, कैलाश चंद्र, प्रियांशु, राकेश चंद्र, भगवती देवी, जानकी देवी, मुन्नी देवी, चंपा देवी, अंबा देवी, सरोजनी कांडपाल, इंद्रा देवी, पूजा, गीता, कमला, आशा कांडपाल आदि मौजूद रहे। 

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