Unnao: किसान पर हमले के बाद वन विभाग की टीम ने खेतों और जंगलों में की कांबिंग...हायना या लकड़बग्घा के जैसे पैरों के निशा

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Edited By Amrit Vichar
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उन्नाव में किसान पर हमले के बाद वन विभाग की टीम ने खेतों और जंगलों में की कांबिंग

उन्नाव, अमृर विचार। गंगाघाट कोतवाली के कटरी पीपर खेड़ा मजरा नया खेड़ा निवासी किसान पर गुरुवार दोपहर अमरुद के बाग में काम करने के दौरान जंगली जानवर ने हमला कर घायल कर दिया था। जंगली जानवर की सूचना पर आस पास के कई गांवों में रहने वाले ग्रामीणों में दहशत फैल गयी थी। 

जंगली जानवर की सूचना पर शुक्रवार को डीएफओ के निर्देश पर वन विभाग की टीम पहुंची। जहां टीम ने खेतों और जंगलों में कांबिंग की। जहां जंगली जानवरों के पैरों के निशान मिलने पर जांच के लिये भेजा है।

बता दें नया खेड़ा निवासी मुन्नीलाल (60) गुरुवार को पहाड़ापुर गांव के पास अमरुद के बाग में अमरुद तोड़ रहा था, तभी किसान पर जंगली जानवर ने हमला कर दिया था। शोर मचाने पर पास में काम कर रहा बेटा दुर्गेश दौड़ा। जहां उसने बताया कि जानवर चित्तीदार दिखाई पड़ा था और उसकी दहाड़ भी सुनाई पड़ी थी। 

जिस पर ग्रामीणों ने तेंदुआ होने की आशंका जाहिर की और घायल किसान को इलाज के लिये एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहीं तेंदुए की सूचना पर आस पास के कई गांवों में रहने वाले लोगों में हड़कंप मच गया। रात के समय ग्रामीण लाठी डंडा लेकर घरों से निकले। 

वहीं जंगली जानवर की सूचना वन विभाग को दी गयी। शुक्रवार सुबह डीएफओ के निर्देश पर वन विभाग की टीम पहुंची। जहां टीम ने अमरुद के बाग के अलावा आस पास के खेतों और जंगलों में जाकर कांबिंग की। जहां उन्हें जंगली जानवर के पदचिन्ह मिले।

 जिस पर पद चिन्हों को जांच के लिये एक्सपर्ट को भेजा गया है। रेंजर प्रेम शंकर तिवारी ने बताया कि पैरों के निशान को देखकर लकड़बग्घा या हायना लग रहा है। पद चिन्हों को जांच के लिये भेजा गया है। वहीं टीम ने शाम को दोबारा क्षेत्र में कांबिंग की है।

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