शाहजहांपुर: काहे का अस्पताल...जब लेनी पड़ रही बाहर से दवाई, खून की भी नहीं हो पा रही जांच

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फोटो- एडिशनल सीएमओ को समस्याएं गिनाते भाकियू नेता।

निगोही/शाहजहांपुर, अमृत विचार। निगोही सीएचसी का निरीक्षण करने पहुंचे एडिशनल सीएमओ के सामने भाकियू नेताओं का गुस्सा भड़क गया। भाकियू नेताओं ने कहा कि काहे का अस्पताल ! जब बाहर से दवाई लेनी पड़ रही है और खून जांच भी बाहर की लैब से करानी पड़ रही है। एक्सरे मशीन धूल फांक रही है, फ्रिजर खराब है। प्यास बुझाने को पानी की बोतल खरीदनी पड़ रही है।  

एडिशनल सीएमओ डॉ. गोविंद सोनकर बुधवार दोपहर करीब एक बजे निगोही सीएचसी का निरीक्षण करने पहुंचे। यहां निरीक्षण करने के दौरान अधीनस्थों को आवश्यक दिशा-निर्देश देने के बाद वह जिला मुख्यालय लौटने के लिए गाड़ी में बैठने लगे, तभी भारतीय किसान यूनियन टिकैत गुट की मंडल अध्यक्ष माधुरी कुशवाहा, मंडल महासचिव देवेंद्र सिंह, ब्लाक अध्यक्ष पूसेराम वर्मा, ब्लाक महासचिव रक्षपाल यादव व वरिष्ठ पदाधिकारी नरेश यादव आ गए और एडिशनल सीएमओ की गाड़ी के आगे खड़े हो गए। 

भाकियू नेताओं का कहना था कि सीएचसी सुविधाओं के नाम पर जीरो है, मरीजों को जरूरी दवाएं मार्केट से खरीदनी पड़ रही है। ब्लड जांच की सुविधा नहीं है। बाहर लैब में अधिक रुपये खर्च करके ब्लड की जांच करानी पड़ रही है, यहीं हाल एक्सरे का है, एक्सरे टेक्निशियन नहीं होने के कारण सीएचसी में एक्सरे मशीन धूल फांक रही है। पेयजल की व्यवस्था भी भगवान भरोसे है। 

उन्होंने पानी की टंकी खोलते हुए दिखाया कि देखिए इसमें पानी नहीं है, मरीज और तीमारदारों को प्यास बुझाने के लिए पानी की बोतल खरीदनी पड़ रही है। भाकियू नेताओं ने बताया कि बुधवार को सीएचसी की ओपीडी में 375 मरीज आए, इनमें ज्यादातर जुकाम, बुखार और उल्टी दस्त के थे। 

भाकियू नेताओं का कहना था कि उन्हें तब तक नहीं जाने दिया जाएगा, जब तक कि उन्हें ठोस आश्वासन नहीं मिल जाता है। इसके बाद भाकियू नेताओं को एडिशनल सीएमओ और सीएचसी  अधीक्षक नितिन चौधरी ने सुविधाओं को लेकर आश्वस्त किया कि जल्द से जल्द समस्याओं का समाधान किया जाएगा।

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