युवाओं के लिए खुशखबरी : सिपाही भर्ती में अभ्यर्थियों को मिलेगी उम्र में 3 साल की छूट, सीएम योगी का बड़ा ऐलान

Amrit Vichar Network
Published By Deepak Mishra
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लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को उत्तर प्रदेश पुलिस में सिपाही भर्ती से संबंधित बड़ा फैसला  लिया है। सीएम योगी ने भर्ती प्रक्रिया में अभ्यर्थियों के लिए आयु सीमा में तीन साल की छूट देनी की घोषणी की है, जिससे भर्ती में शामिल होने वाले हजारों अभ्यर्थियों को राहत मिलेगी।

वहीं, सीएम योगी के इस फैसले के बाद, भर्ती में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों को अब अपनी आयु से संबंधित नियमों को लेकर कोई भी परेशानी नहीं होगी। सीएम योगी के इस फैसले के बाद, उत्तर प्रदेश पुलिस और जेल विभाग में 32,679 पदों पर भर्ती की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। सीएम योगी का यह कदम उन हजारों अभ्यर्थियों के लिए राहत देने वाला साबित होगा जो पहले बढ़ती उम्र सीमा में अटके हुए थे। शासनादेश जारी होने के बाद अभ यह सभी वर्गों के हित में महत्वपूर्ण फैसला साबित होगा। 

बता दें कि, इस निर्णय में आरक्षी, PAC, विशेष सुरक्षा बल (एसएसएफ) के पदों को शामिल किया गया है। इसके साथ ही महिला बटालियन और जेल वार्डर के पदों के लिए भी अभ्यर्थियों को आयु सीमा में छूट मिलेगी। मुख्यमंत्री ने इस छूट को सभी वर्गों के लिए लागू करने का आदेश दिया है, जिससे प्रत्येक वर्ग के युवा अपनी उम्मीदों को पंख लगा सकेंगे।

लाखों युवाओं को होगा लाभ

सीधी भर्ती-2025 के अंतर्गत कुल 32,679 पदों को भरे जाने के लिए यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। शासनादेश के अनुसार आरक्षी नागरिक पुलिस (पुरुष/महिला), आरक्षी पीएसी/सशस्त्र पुलिस (पुरुष), आरक्षी विशेष सुरक्षा बल (पुरुष), महिला बटालियन हेतु महिला आरक्षी, आरक्षी घुड़सवार पुलिस (पुरुष) तथा जेल वार्डर (पुरुष एवं महिला) पदों पर भर्ती प्रक्रिया में सम्मिलित होने वाले सभी वर्गों के अभ्यर्थियों को यह आयु शिथिलीकरण एक बार के लिए प्रदान किया जाएगा।

सरकार द्वारा यह निर्णय उत्तर प्रदेश लोक सेवा (भर्ती के लिए आयु सीमा का शिथिलीकरण) नियमावली-1992 के नियम-3 के आलोक में लिया गया है। यह फैसला 31 दिसंबर 2025 को जारी भर्ती विज्ञप्ति के अनुक्रम में 5 जनवरी 2026 को जारी शासनादेश के माध्यम से लागू किया गया है, जिससे बड़ी संख्या में ऐसे अभ्यर्थियों को अवसर मिलेगा जो आयु सीमा के कारण अब तक भर्ती प्रक्रिया से बाहर हो रहे थे।

युवाओं के हित में योगी आदित्यनाथ सरकार

योगी सरकार का यह कदम साफ संदेश देता है कि प्रदेश की सरकार युवाओं की वास्तविक समस्याओं को समझती है और समाधान के लिए ठोस फैसले लेने से पीछे नहीं हटती। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों को न्यायसंगत अवसर देना, रोजगार के अधिक से अधिक विकल्प उपलब्ध कराना और प्रशासनिक निर्णयों में संवेदनशीलता बनाए रखना योगी सरकार की कार्यशैली का हिस्सा बन चुका है। पुलिस भर्ती में आयु सीमा शिथिलीकरण का यह निर्णय न केवल लाखों युवाओं की उम्मीदों को नया बल देगा, बल्कि यह भी दर्शाता है कि योगी आदित्यनाथ सरकार में युवाओं का भविष्य नीति निर्धारण के केंद्र में है।

सत्ता और विपक्ष ने उठाई थी मांग

यूपी पुलिस सिपाही भर्ती में सामान्य वर्ग की आयु सीमा बढ़ाने का मुद्दा सिर्फ सत्ता पक्ष तक सीमित नहीं था। राज्यमंत्री डॉ. अरुण कुमार सक्सेना समेत भाजपा विधायक डॉ. शलभ मणि त्रिपाठी (देवरिया सदर), दिनेश रावत (हैदरगढ़) और निषाद पार्टी के विधायक अनिल कुमार त्रिपाठी (मेंहदावल) ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर सामान्य वर्ग के पुरुष अभ्यर्थियों की आयु सीमा 18–22 वर्ष से बढ़ाकर 25 वर्ष करने की मांग की थी। विधायकों का कहना था कि भर्ती में वर्षों की देरी के कारण लाखों योग्य युवा आयु सीमा पार कर चुके हैं। अनिल कुमार त्रिपाठी ने पीएसी और जेल वार्डर की भर्ती 2018 के बाद न आने और पूर्व में दिए गए आयु-छूट के आश्वासन का भी उल्लेख किया था। इस मांग को विपक्ष का भी समर्थन मिला है। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा सरकार की लापरवाही से भर्ती में देरी हुई, जिससे कई अभ्यर्थी अयोग्य हो गए। वहीं नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद ने भी सामान्य वर्ग के अभ्यर्थियों को आयु सीमा में छूट देने की मांग की थी।

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